Home > अपना शहर,प्रमुख खबरे,slider news,
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के गेट पर ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला, 14 की मौत, 39 घायल

ग्वालियर। शहर के चीनौर-नयागांव हाईवे स्थित शीतला माता मंदिर रोड पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक और वीभत्स हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रहा धान से भरा अनियंत्रित ट्रक सड़क किनारे चल रहे श्रद्धालुओं को रौंदते हुए ढलान पर पलट गया।

इस भीषण दुर्घटना में 14 लोगों की मौत और पचास से अधिक लोगों के ट्रक के नीचे दबने की खबर है। सुबह 4 बजे तक ट्रामा सेंटर पर एंबुलेंस से शव व घायलों को लाने का क्रम जारी रहा। घटना के बाद से इलाके में कोहराम मचा हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

ग्वालियर में दशहरा पर ट्रैफिक डायवर्जन: फूलबाग, मुरार और थाटीपुर में रहेगा रूट परिवर्तन, 13 प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रहेगी प्रतिबंधित

अनियंत्रित ट्रक श्रद्धालुओं पर कहर बनकर टूटा

हादसे में 11 मृतकों की हुई पहचान

सरला तोमर उम्र 50 साल, गौरव परिहार उम्र 18 साल, महेश शर्मा उम्र 45 साल, विमलेश 18 साल, देवेश बघेल 17 साल, प्रिंस उर्फ छोटू जाटव 16 साल, शौर्य शर्मा 15 साल की मौत हो गई है।

सरकार से मुआवजे की मांग

मेरी मांग है कि सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव, जो सनातन धर्म, उज्जैन और मंदिरों की बात करते हैं। वे आज ग्वालियर आएं। शीतला माता मंदिर हादसे में जान गंवाने वालों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। घायलों का मुफ्त इलाज हो। अगर ऐसा नहीं होता है, तो मैं अस्पताल जाकर भूख हड़ताल शुरू कर दूंगा। न्याय मिलना चाहिए। हमारे लोगों के साथ हुए इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर रुचिका सिंह ने अस्पताल पहुंचकर हालात की जानकारी ली।

एलिवेटेड रोड निर्माण कार्य करने वाली कंपनी की हाइड्रा आधी रात तक चलता रहा इंतजार

मौके पर एक हाइड्रा पहुंची लेकिन तकनीकी खराबी से बंद हो गई। इसके बाद एलिवेटेड रोड निर्माण करने वाली एजेंसी से हाइड्रा मांगी गई। खबर लिखे जाने तक दूसरी हाइड्रा मशीन नहीं पहुंच सकी थी।

स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, लगाया जाम

सप्तमी की विशेष मान्यता लगता है मेला

चीनौर रोड स्थित सातऊं गांव में स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर पर शारदीय नवरात्र की सप्तमी की विशेष मान्यता है। ग्रामीण मानते हैं कि सप्तमी के दिन यहां दर्शन करने से संतान सुख और बच्चों की बीमारियों से मुक्ति मिलती है, इसलिए महिलाएं पूजा की थाली, नारियल और बासींड़े का प्रसाद लेकर पहुंचती हैं। ग्वालियर शहर के अलावा डबरा, चीनौर, भितरवार और आसपास के गांवों से भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मेले पर उमड़ी थी।

Share This News :