भाजपा के लिए भी दोनों सीटें जीतकर मजबूत दावेदारी पेश करने की बड़ी चुनौती है। चुनाव की घोषणा के साथ ही कांग्रेस व भाजपा में दावेदारों के नाम पर चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा से कुलदीप बिश्नोई व पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का नाम दावेदारों में शामिल हैं। किरण चौधरी भी दोबारा से राज्यसभा जाने के लिए प्रयासरत हैं।
सूत्रों के अनुसार भाजपा एक सीट पर अपने कार्यकर्ता को खड़ा करेगी और दूसरी सीट से सुभाष चंद्रा व कार्तिकेय शर्मा जैसे किसी दिग्गज उम्मीदवार को उतार सकती है। कांग्रेस से प्रभारी बीके हरिप्रसाद, पवन खेड़ा व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष उदयभान का नाम चर्चा में है।
जीत के लिए चाहिए 31 वोट, कांग्रेस के पास पर्याप्त आंकड़ा
राज्यसभा चुनाव के लिए विधायकों की संख्या और राज्यसभा की सीटों की संख्या के आधार पर राज्यसभा वोटों की संख्या तय की जाती है। इस चुनाव के लिए कुल विधायकों की संख्या x100/(राज्यसभा की सीटें+1)= +1 फार्मूला लागू होता है।
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं। हर विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। इसे उदाहरण से समझते हैं। हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। सबसे पहले कुल विधायकों को 100 से गुणा करते हैं, जो 9000 बनती है।