याचिका में कहा गया है कि आम आदमी की जान के साथ अफसरों ने लापरवाही की। मामले के दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।कोर्ट ने सरकार से इस मामले की 2 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। एडवोकेट इनानी ने बताया कि कोर्ट ने पीड़ितों का निशुल्क इलाज करने के निर्देश भी दिए हैं।