वैलेनà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¥à¤¸ डे पर शादी करने वाले इस जोड़े की कहानी आपको à¤à¤¿à¤‚à¤à¥‹à¤¡à¤¼ देगी
वैलेनà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¥à¤¸ डे पर मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के नीमच से आई ये रीयल लाइफ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥€ आपको अंदर तक à¤à¤¿à¤‚à¤à¥‹à¤¡à¤¼ देगी. ये कहानी आकाश और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ की है. दोनों मंगलवार को यानि 'वैलेनà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¥à¤¸ डे' पर ही कोरà¥à¤Ÿ में शादी के बंधन में बंधे. लेकिन ये दिन देखने के लिठदोनों ने जो संघरà¥à¤· किया, उसकी मिसाल मिलना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है.
आकाश और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ दोनों बांछड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ से हैं. वही बांछड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ जिसने मालवा के माथे पर नाबालिग बचà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को वेशà¥à¤¯à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ में धकेलने का दाग लगा रखा है. बताया जाता है कि मालवा के नीमच, मनà¥à¤¦à¤¸à¥Œà¤° और रतलाम जिलों के करीब 68 गांवों में बांछड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के 250 डेरे हैं जहां खà¥à¤²à¥‡à¤†à¤® वेशà¥à¤¯à¤¾à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ होती है. इस समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में छोटी बचà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को देह वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° के दलदल में धकेलने वाले और कोई नहीं बलà¥à¤•ि उनके मां-बाप ही होते हैं.
महू-नीमच हाईवे के आस-पास चंद रà¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤‚ की खातिर बचà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ ये दरिंदगी होती है. हैरानी की बात है कि दशकों से ये सब होता आ रहा है लेकिन इसे बंद करवाने के लिठकà¤à¥€ कोई गंà¤à¥€à¤° पहल नहीं हà¥à¤ˆ.
कहते हैं कि कीचड़ में ही कमल खिलता है. à¤à¤¸à¤¾ ही कà¥à¤› आकाश के लिठकहा जा सकता है. बांछड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ में बचà¥à¤šà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ इस तरह का बरà¥à¤¤à¤¾à¤µ देखकर आकाश का बचपन से ही खून खौलता था. आकाश बड़ा हà¥à¤† तो उसने समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की नाबालिग लड़कियों को इस दरिंदगी से बचाने का बीड़ा उठा लिया. आकाश इसके लिठ'फà¥à¤°à¥€à¤¡à¤® फरà¥à¤®' नाम के à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ के साथ मिलकर काम करने लगा. à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ की मà¥à¤¹à¤¿à¤® के साथ जà¥à¤¡à¤¼à¤•र करीब 60 लड़कियों को देह वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° के दलदल में फंसने से बचाया जा चà¥à¤•ा है.
आकाश तीन साल पहले à¤à¤¸à¥‡ ही à¤à¤• रेसà¥à¤•à¥à¤¯à¥‚ मिशन पर था कि उसकी मà¥à¤²à¤¾à¤•ात à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ से हà¥à¤ˆ. उस वकà¥à¤¤ नाबालिग à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ ने उसे बताया कि वो पढ़ना चाहती है लेकिन उसकी मां उसे देह वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° में धकेलना चाहती है. आकाश ने किसी तरह कोशिश कर à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ को नीमच के à¤à¤• हॉसà¥à¤Ÿà¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करा दिया.
इसके बाद आकाश और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ की अकà¥à¤¸à¤° मोबाइल पर बात होने लगी. लेकिन कà¥à¤› ही दिन बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ को उसकी मां हॉसà¥à¤Ÿà¤² से निकाल कर फिर डेरे पर ले गई. à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ का मोबाइल à¤à¥€ छीन लिया गया. यहीं नहीं अपने समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ की पंचायत बà¥à¤²à¤¾à¤•र आकाश को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ से दूर रहने का फरमान à¤à¥€ सà¥à¤¨à¤µà¤¾ दिया गया.
कà¥à¤› समय बाद आकाश की मदद से à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ और पà¥à¤²à¤¿à¤¸ की कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ में à¤à¤• डेरे पर छापा मारा गया, जहां से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ की मां को पांच लड़कियों से देह वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° कराते हà¥à¤ पकड़ लिया गया. फिर आकाश को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ का à¤à¥€ पता लग गया. NGO के जरिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ की रहने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ नीमच के आशà¥à¤°à¤® में कराई गई. वहीं आकाश के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸à¥‹à¤‚ से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ की पढ़ाई à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ करा दी गई. देर होने की वजह से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ को नौंवी कà¥à¤²à¤¾à¤¸ में ही दाखिला मिल सका.
आकाश नाबालिग लड़कियों को बचाने की मà¥à¤¹à¤¿à¤® में जब लगा था, तà¤à¥€ उसने फैसला किया कि वो à¤à¤²à¤à¤²à¤¬à¥€ करेगा जिससे इस लड़ाई को और बेहतर ढंग से लड़ सके. 22 साल का आकाश इस वकà¥à¤¤ à¤à¤²à¤à¤²à¤¬à¥€ के छठे सेमेसà¥à¤Ÿà¤° की पढ़ाई कर रहा है. à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ à¤à¥€ इस साल 21 जनवरी को बालिग हो गई. आकाश और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ ने बांछड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के माथे पर जो दाग लगा है उसे मिटाने के लिठमिलकर लड़ने का फैसला किया. साथ ही शादी की डोर में बंधने का à¤à¥€. मंगलवार को कोरà¥à¤Ÿ में दोनों के जीवन-साथी बनने की à¤à¥€ घड़ी आ गई.
नीमच के à¤à¤¸à¤ªà¥€ मनोज सिंह ने इस मौके पर आकाश और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€ को सà¥à¤–ी जीवन के लिठआशीरà¥à¤µà¤¾à¤¦ दिया. à¤à¤¸à¤ªà¥€ ने कहा कि बांछड़ा समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लोगों से बात कर इस बà¥à¤°à¤¾à¤ˆ को मिटाने के लिठपà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किठजाà¤à¤‚गे. à¤à¤¸à¤ªà¥€ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• इस समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के जो बचà¥à¤šà¥‡ पढ़ना चाहते हैं उनकी पूरी मदद की जाà¤à¤—ी.