फेसबà¥à¤• के जरिठदेते हैं धरà¥à¤® का LIVE का जà¥à¤žà¤¾à¤¨
गेरà¥à¤† कपड़े पहने कैमरा सà¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚ड में अपना मोबाइल कसे हà¥à¤ à¤à¤• सनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥€ रेलवे सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ पहà¥à¤‚च कर यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से सीधे संवाद करने लगता है. वह धरà¥à¤® पर चरà¥à¤šà¤¾ करता है. ये सनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥€ खà¥à¤¦ ही यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से रà¥à¤¬à¤°à¥‚ होने वाले अपने पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ को फेसबà¥à¤• पर लाइव à¤à¥€ करता है.
कà¤à¥€ थियेटर में करते थे काम
देश-विदेश में बैठे उसके अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¥€ इस संवाद को देखकर खà¥à¤¶ ही नहीं होते अपनी राय à¤à¥€ देते हैं. उनके पà¥à¤°à¤µà¤šà¤¨ सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठजहां यà¥à¤µà¤¾ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ पर जमा होते हैं तो वहीं सैंकड़ों लोग ऑनलाइन उनके विचार सà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं. ये यà¥à¤µà¤¾ सनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥€ जो कà¤à¥€ थियेटर में अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ किया करते थे. आज सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राम शंकर दास के नाम से जाने जाते हैं. वह कहते हैं कि धरà¥à¤®, अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤® और जà¥à¤žà¤¾à¤¨ तीनों बिक रहे हैं. इन तीनों को à¤à¥€ कॉरà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥‡à¤Ÿ तरीके से बेचा जा रहा है.
यà¥à¤µà¤¾à¤“ं के बीच हो रहे हैं फेमस
धरà¥à¤® और आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤® के मारà¥à¤— पर मिले जà¥à¤žà¤¾à¤¨ की कोई कीमत नहीं है. इस लिठवह धरà¥à¤® के असली मरà¥à¤® को यà¥à¤µà¤¾à¤“ं तक सीधे पहà¥à¤‚चाना चाहते हैं. साधॠको किसी मठया मंदिर में बंधने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं. उनका कहना है कि साधॠको किसी मठया मंदिर में बंधने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं. साधॠको à¤à¥€ सड़कों पर उतर लोगों से सीधे संवाद करना होगा. तà¤à¥€ धरà¥à¤® के साथ-साथ संसà¥à¤•ारों को बचाया जा सकता है. इस यà¥à¤µà¤¾ सनà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥€ की बातें सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ पर सैंकड़ों यà¥à¤µà¤¾ जमा होते हैं
कालवा गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² से ली संसà¥à¤•ृत की शिकà¥à¤·à¤¾
राम शंकर बताते हैं कि कालवा गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² में रह कर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने संसà¥à¤•ृत की शिकà¥à¤·à¤¾ हासिल की. इसी दौरान योग गà¥à¤°à¥ सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ राम देव के साथ कà¥à¤› समय रहे à¤à¥€ हैं. बी. कॉम की शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के बाद हिमाचल के कांगड़ा जिला में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ चिनà¥à¤®à¤¯ मिशन के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ संचालित गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² संदीपनी हिमालय में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ गंगेशाननà¥à¤¦ सरसà¥à¤µà¤¤à¥€ के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¨ में तीन वरà¥à¤· तक रह कर वेदांत उपनिषदà¥, à¤à¤—वदà¥à¤—ीता, रामायण आदि सनातन धरà¥à¤® के शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹ का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कर चà¥à¤•े हैं. बिहार सà¥à¤•ूल ऑफ़ योगा मà¥à¤‚गेर (रिखिआ पीठ) में फरवरी 2013 से मई 2013 तक साधना की. कैवलà¥à¤¯ धाम योग विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ लोनावला पà¥à¤£à¥‡ में पतंजलि योग सूतà¥à¤°, हठपà¥à¤°à¤¦à¥€à¤ªà¤¿à¤•ा, घेरणà¥à¤¡ संहिता आदि पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कर चà¥à¤•े हैं.
अपने संसà¥à¤•ारों से यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को जोड़ने की पहल
राम शंकर बताते हैं उनका विजन है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के जो विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤‚त हैं, वहां पर जाकर यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से मिलकर ये जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि जीवन मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में उनका कà¥à¤¯à¤¾ सोचना है. जो हमारी परंपराà¤à¤‚ हैं यà¥à¤µà¤¾ उसके बारे में कà¥à¤¯à¤¾ सोचते हैं. साधू लोगों के जीवन के बारे में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को कितनी समठहै. उनके अनà¥à¤à¤µ को केवल मैं ही नहीं बलà¥à¤•ि देशà¤à¤° के लोग जानें इसलिठमैं फेसबà¥à¤• पर लाइव आता हूं. यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परंपरा और मूलà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से अवगत कराना ही मेरा उपदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ है.