ओरछा में नरोत्तम मिश्रा की ‘वापसी’ ने खींचा सियासी ध्यान, पहली पंक्ति से दूसरी कतार तक… फिर CM मोहन के साथ जहांगीर महल पहुंचे पूर्व गृह मंत्री
ओरछा (विनय शर्मा): भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे और अंतिम दिन ओरछा से एक तस्वीर ने मध्यप्रदेश की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा लंबे अंतराल के बाद प्रदेश भाजपा के इस बड़े संगठनात्मक मंच पर प्रमुखता से नजर आए। हालांकि उनकी मौजूदगी सामान्य संगठनात्मक कार्यक्रम के तौर पर सामने आई, लेकिन बैठक के दौरान उनकी बैठने की स्थिति और दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनकी सक्रिय मौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को जरूर हवा दे दी है।
दरअसल, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन नरोत्तम मिश्रा पहली पंक्ति के बजाय दूसरी पंक्ति में बैठे नजर आए। वरिष्ठ नेताओं से सजी पहली कतार से अलग उनकी यह तस्वीर राजनीतिक नजरों से बच नहीं सकी। ऐसे में सवाल उठने लगा कि क्या यह महज बैठने की व्यवस्था थी या इसके पीछे संगठनात्मक प्रोटोकॉल और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों की कोई कहानी भी है?
हालांकि इसे लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक संकेत या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लिहाजा इसे फिलहाल सियासी गलियारों में उठ रही चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
दूसरे दिन बदला अंदाज, CM मोहन के साथ दिखे नरोत्तम
दिलचस्प बात यह रही कि कार्यसमिति के दूसरे और अंतिम दिन तस्वीर कुछ अलग नजर आई। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने स्वयं सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि विधिवत सत्रारंभ से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐतिहासिक जहांगीर महल पहुंचकर वहां चल रहे संरक्षण एवं निर्माण कार्यों का जायजा लिया।
इस दौरान नरोत्तम मिश्रा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ नजर आए।
यानी पहले दिन दूसरी कतार की तस्वीर और दूसरे दिन मुख्यमंत्री के साथ जहांगीर महल का दौरा—इन दोनों तस्वीरों ने नरोत्तम मिश्रा की राजनीतिक सक्रियता को लेकर चर्चाओं को एक नया एंगल दे दिया है।
‘दूरी’ की चर्चा के बीच खुद नरोत्तम ने दिया एकजुटता का संदेश
ओरछा पहुंचने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा में गुटबाजी और बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं को काल्पनिक बताया था। उन्होंने संगठन के मजबूत होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में काम होने की बात कही।
यही वजह है कि अब कार्यसमिति के दूसरे दिन मुख्यमंत्री के साथ उनकी मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ उनके बैठने की तस्वीर चर्चा में है, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री और प्रदेश नेतृत्व के साथ उनकी सार्वजनिक मौजूदगी संगठन में एकजुटता का संदेश देती नजर आ रही है।
14 साल बाद ओरछा में महामंथन, मिशन 2028 पर नजर
गौरतलब है कि ओरछा में करीब 14 साल बाद भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हो रही है। दो दिवसीय बैठक में लगभग 350 नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। संगठन की मजबूती, बूथ सशक्तिकरण, आगामी राजनीतिक रणनीति और मिशन 2028-29 को लेकर मंथन बैठक के प्रमुख केंद्र में है।
ऐसे राजनीतिक माहौल में नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे मध्यप्रदेश भाजपा के लंबे समय तक प्रभावशाली चेहरों में रहे हैं। अब ओरछा से सामने आईं उनकी तस्वीरें यह जरूर संकेत दे रही हैं कि वे पार्टी के बड़े संगठनात्मक मंच पर सक्रिय रूप से मौजूद हैं।
पहली तस्वीर में दूसरी कतार… और अगले ही दिन मुख्यमंत्री के साथ कदमताल।
फिलहाल भाजपा के भीतर इसे सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया माना जाए या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी संदेश पढ़ा जाए—यह आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन इतना जरूर है कि ओरछा की कार्यसमिति में नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी ने सियासी कैमरों का फोकस अपनी ओर खींच लिया है।