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इस्राइल ने लेबनान में किए ताबड़तोड़ हमले, 254 लोगों की मौत; जवाब में ईरान ने बंद किया होर्मुज

इस्राइल ने बुधवार दोपहर मध्य बेरूत में कई हमले किए। घनी आबादी वाले कई व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को बिना पूर्व सूचना के निशाना बनाया गया। हमले ऐसे समय में हुए, जब ईरान के साथ युद्ध विराम की घोषणा हो चुकी थी। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इन हमलों में 254 लोगों की मौत हुई और 1,165 लोग घायल हुए हैं। उधर, एसोसिएटेड प्रेस ने ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि ईरान ने लेबनान पर इस्राइली हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीबीएस न्यूज आवर को बताया कि लेबनान को समझौते में शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि वहां चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला मौजूद है। जब उनसे इस्राइल के हालिया हमलों के बार में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, यह एक अलग झड़प है। इस्राइल ने कहा था कि यह समझौता ईरान समर्थित हिजबुल्ला के साथ उसकी जंग पर लागू नहीं होता। हालांकि, मध्यस्थ पाकिस्तान ने कहा कि यह लागू होता है।

10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों को बनाया निशाना

युद्ध विराम की घोषणा से लेबनान के निवासियों को थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन इस्राइली सेना के अचानक हमलों से दहशत में फैल गई। इस्राइली सेना ने 10 मिनट में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों पर पर हमला किया। इसमें बेरूत, दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी शामिल हैं। 
समु्द्र तटीय राजधानी के कई हिस्सों में काला धुआं छाया रहा, जहां युद्ध से विस्थापित हुए लोगों ने बड़ी संख्या में शरण ली थी। चहल-पहल भरी, साफ आसमान वाली दोपहर में धमाकों ने वाहनों के हॉर्न की आवाज को गायब कर दिया। एंबुलेंस आग की लपटों की ओर तेजी से बढ़ीं। आवासीय इमारतों पर भी हमले हुए।

संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा इस्राइल: हिजबुल्ला
हिजबुल्ला के एक अधिकारी ने कहा कि वह बातचीत का मौका देना चाहते हैं। लेकिन इस्राइल संघर्षविराम का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वे पुरानी स्थिति में लौटना स्वीकार नहीं करेंगे। यह संघर्ष तब शुरू हुआ, जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद हिजबुल्ला भी इस जंग में शामिल हुआ और उसने जवाब में मिसाइलें दागीं। इसके बाद इस्राइल ने लेबनान में बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए।

 
 
 

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