प्रदेश में विकास को बनाया गया है राष्ट्रनिर्माण का आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चहुँओर तेज गति से विकास हो रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के संतुलित विकास से ही हम मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हमने विकास को राष्ट्र निर्माण का आधार बनाया है, हम उसी संकल्प को लेकर प्रदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। प्रदेश में हो रहे विकास कार्य आने वाले समय में शिक्षा, पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं का नया केंद्र बनाएंगे। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मध्यप्रदेश सरकार विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में क्षेत्र में और तेजी से विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने जनजातीय नायक टंट्या मामा के सम्मान में किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया और भगोरिया उत्सव को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने महूगांव को सौगात देते हुए यहां 100 बिस्तरों का नया अस्पताल बनाने और महूगांव नगर परिषद को नगर पालिका का दर्जा दिया जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की प्रतिमा का अनावरण करते हुए 4.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित नानाजी देशमुख पर्यटक स्थल का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित सांदीपनि शासकीय मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महू और एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चंद्रशेखर आजाद सरोवर (काकड़पुरा तालाब) पार्क एवं घाट का लोकार्पण कर सम्पूर्ण क्षेत्र का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को स्मरण करते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन के महान साधक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ग्राम विकास, शिक्षा और स्वावलंबन के लिए समर्पित कर दिया। नानाजी देशमुख का मानना था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है, और जब गांव मजबूत होंगे तभी राष्ट्र मजबूत बनेगा। उनके द्वारा स्थापित किए गए विकास मॉडल आज भी पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महू क्षेत्र ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और औद्योगिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली है, वहीं निकट ही जानापाव पर्वत भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में भी प्रसिद्ध है। महू क्षेत्र क्रांतिसूर्य टट्या मामा की कर्मभूमि भी रहा है। इस कारण यह पूरा क्षेत्र एक प्रकार से तीर्थ नगरी का स्वरूप लिए हुए है। आज महू और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक विकास हुआ है। चारों ओर उद्योग, कॉलेज, स्कूल और विकास कार्यों को देखकर गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों को विकास में सहभागिता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र का ज्ञान हमारी प्राचीन परंपरा रही है।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद सुश्री कविता पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीना सतीश मालवीय, श्री मधु वर्मा, श्री गौरव रणदिवे तथा श्री श्रवण चावड़ा, श्री कंचन सिंह चौहान, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुश्री यांगचेन भूटिया, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सिद्धार्थ जैन सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।