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MP को बच्चों का कब्रिस्तान बनाकर छोड़ेंगे क्या; कांग्रेस ने मोहन यादव से कर दी ये मांग

मध्य प्रदेश में 14 बच्चों की काल बनी एक कफ सिरप ने प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। मोहन सरकार ने आनन-फानन में ऐक्शन लेते हुए सिरप देने वाले डॉक्टर और दवा बनाने वाली कंपनी पर कार्रवाई की,लेकिन विपक्ष इन सबसे शांत होने वाला नहीं है। प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम मोहन यादव और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला पर हमलावर हैं। सिंघार ने कहा कि सीएम को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला को तलब कर जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि क्या सीएम तब जाएंगे जब एमपी बच्चों का कब्रिस्तान बन जाएगा?

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में एमपी के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि अब जब इतने सारे बच्चे मर गए,तो आपने उस कंपनी पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन आप डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर रहे हैं। इसमें डॉक्टर की क्या गलती है? हजारों डॉक्टर दवाइयां लिखते हैं,लेकिन दवा तो कंपनी बनाती है। दवा कंपनियों से निपटने के लिए सरकार ड्रग कंट्रोलर को नियुक्त करती है। आपने ड्रग कंट्रोलर को जिम्मेदार क्यों नहीं ठहराया?

उमंग सिंघार ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी जब बच्चों की मौतें हो रही हैं,आप क्या प्रदेश को कब्रिस्तान बनाना चाहते हैं? मेरा मानना है कि तत्काल कार्रवाई जरूरी है। मुख्यमंत्री को तुरंत स्वास्थ्य मंत्री से जवाब मांगना चाहिए। उन्हें तलब करना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला अपने रीवा में तो कफ सिरप बंद नहीं करा पा रहे,उपर से कुछ दिन पहले उस कंपनी को क्लीन चिट दे दी थी।

नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि मैं स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई करने और न्यायिक जांच (judicial inquiry) कराने का आग्रह करता हूं। पीड़ितों के परिवारों को दस-दस लाख रुपये दिए जाने चाहिए। अगर उनके परिवार में कोई योग्य है,तो उन्हें नौकरी भी दी जानी चाहिए। बता दें कि छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत हो चुकी है,वहीं बैतूल में भी कल दो बच्चों की मौत हुई थी, हालांकि प्रशासन ने इसका कारण कफ सिरप नहीं बताया था।

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