बिना अनुमति निकली 50 किमी लंबी रैली से मुरैना ठप, दो एंबुलेंस फंसीं, प्रशासन ने झाड़ा पल्ला
ग्वालियर (विनय शर्मा): विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के पुत्र प्रबल प्रताप तोमर के जन्मदिन पर उनके गृहगांव औरेठी पोरसा से निकाली गई स्वागत रैली ने शहर की यातायात प्रणाली को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। एमएस रोड पर लगभग 20–25 स्थानों पर बड़े मंच व स्वागत स्थल बनाए गए, जिसके कारण सड़कों पर भीषण जाम लग गया और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
सूत्रों के अनुसार, औरेठी से शुरू हुई यह रैली लगभग 50 किलोमीटर चलकर मुरैना पहुँच गई, जहां स्वागत द्वार हर लगभग 50 मीटर पर लगाए गए थे। रैली रात के समय जब एमएस रोड पर पहुंची तो सड़क पूर्णत: जाम हो गई। रैली के दौरान कई निजी कार्यक्रम आयोजित किए गए और अनेक स्थानों पर केक कटवाने के कार्यक्रम भी हुए, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वैरियर चौराहा पर जाम में दो एंबुलेंस भी फंस गईं — जो लगातार सायरन बजाती रहीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक एंबुलेंस नवजात बच्चे को लेकर जयपुर जा रही थी (हृदय में छेद की शिकायत के कारण), जबकि दूसरी एंबुलेंस ग्वालियर रेफर मरीज को ले जा रही थी। करीब आधे घंटे बाद ही इन एंबुलेंस को जाम से निकाल पाना संभव हुआ।
यह आयोजन प्रशासन से किसी प्रकार की रैली या स्टेज लगाने की औपचारिक अनुमति लेकर आयोजित नहीं किया गया था, यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है। SDM भूपेंद्र कुशवाह ने स्पष्ट किया कि रैली संबंधित कोई अनुमति प्रशासन को नहीं दी गई थी; केवल सामान्य स्वागत की सूचना ली गई थी। नगर निगम के कमीश्नर सतेंद्र धाकरे ने भी कहा कि नगर निगम रैली या सभाओं की अनुमति नहीं देता; इस तरह की अनुमति राजस्व विभाग द्वारा दी जाती है — नगर निगम की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई है।
राजनीतिक विभाजन में इस स्वागत रैली की तुलना हालिया केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुरैना आगमन पर हुए भारी स्वागत समारोहों से की जा रही है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने कहा कि यह पूरी तरह व्यक्तिगत आयोजन था और भाजपा का कोई कार्यक्रम या पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल नहीं था।
घटना ने शहर में भारी असुविधा और सवालों को जन्म दिया है — खासकर तब जब दो जीवनरक्षक एंबुलेंस जाम में फंसकर मार्ग न मिलने से प्रभावित हुईं। प्रशासन और संबंधित विभागों से स्पष्टता की उम्मीद है कि अनुमति प्रक्रियाओं और यातायात प्रबंधन के मसलों पर किस तरह कार्रवाई की जाएगी।