हार के बाद भी कांग्रेस की परेशानी नहीं हो रही खत्म: नेता प्रतिपक्ष पद के लिए हैं कई दावेदार, चर्चा में हैं यह नाम
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को एक बार फिर करारी हार का सामना करना पड़ा है। यही नहीं, भाजपा की लहर में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह, जीतू पटवारी जैसे कई बड़े नेताओं को भी चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। खास बात यह है कि कांग्रेस की परेशानियां यहीं पर खत्म नहीं हुई हैं। एक ओर जहां लोकसभा चुनाव सामने आ रहा है। वहीं तो दूसरी ओर मजबूत नेता प्रतिपक्ष की तलाश भी करनी है। हालांकि नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस रेस में पीसीसी चीफ कमलनाथ के अलावा कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो अजय सिंह, आदिवासी चेहरे के रूप में अनुभवी विधायक और पूर्व मंत्री उमंग सिंगार को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। चंबल से पूर्व मंत्री, सीनियर लीडर और ओबीसी चेहरा रामनिवास रावत और जयवर्धन सिंह के नाम की चर्चा जोरों पर है। इसके अलावा कमलनाथ सरकार में गृह मंत्री रहे बाला बच्चन भी इस रेस में बने हुए हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस का एक वर्ग अंदरूनी तौर पर युवा नेता को जिम्मेदारी देने के लिए दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह के नाम जोरों पर चला रहा है।
विधायक दल की बैठक में होगा: कांग्रेस
वहीं जब इस मामले में कांग्रेस नेताओं से पूछा गया तो उनका कहना था कि विधायक दल की बैठक के बाद ही यह साफ होगा कि आखिर सीनियर या जूनियर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। लेकिन नेता प्रतिपक्ष की माथापच्ची से बीजेपी को निशाना साधने का मौका जरूर मिला। बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस में 1980 के दशक के नेता पद की हवस का मोह नहीं त्याग पा रहे हैं। जबकि अब तक दिग्विजय सिंह समेत कमलनाथ को राजनीतिक संन्यास ले लेना चाहिए था। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में नेतृत्व संकट हमेशा से रहा है। लेकिन मध्यप्रदेश में यह संकट अब और गहरा होगा। बीजेपी ने यह भी कहा कि संविधान में मजबूत लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष की भूमिका है। जो कांग्रेस अब निभा नहीं पाएगी।