सीएम शिवराज से क्यों नाराज है BJP का केंद्रीय नेतृत्व? साइड लाइन होने के समझें कारण
मध्य प्रदेश का विधानसभा चुनाव इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहा है. बीजेपी ने केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों को मैदान में उतारा है. पार्टी चुनाव जीतने के लिए पूरा दमखम झोंक रही है ताकि किसी भी तरह की कोई कोर कसर न छूटने पाए. वहीं, प्रदेश में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा का विषय यही है कि क्या सीएम शिवराज सिंह चौहान को साइड लाइन कर दिया गया है? आखिर क्यों शिवराज सिंह चौहान कह रहे है कि “मैं चला जाऊंगा तो बहुत याद आऊंगा”?
उनका का ये बयान राजनीतिक गलियारों चर्चा का विषय बना हुआ है. अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि बीजेपी उन्हें साइड लाइन करने जा रही है. तस्वीर भी कुछ इसी तरह की दिखाई दे रही है. आइए आपको बताते हैं कि क्यों कहा जा रहा है कि शिवराज को साइड लाइन कर दिया गया है, ये प्रमाण सब कुछ बयां कर रहे हैं.
शिवराज सिंह कैसे साइड लाइन हुए?
अपने गृह जिले सीहोर की जनसभा में शिवराज ने कहा ऐसा भाई नहीं मिलेगा, जब चला जाऊंगा तब याद आऊंगा.
शिवराज को जन आशीर्वाद यात्रा का चेहरा नहीं बनाया गया. इससे पहले वो खुद ही रथ लेकर निकलते थे.
आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मध्य प्रदेश नहीं आए. ना वर्चुअल जुड़े, ना वीडियो संदेश भेजा और ना ही ट्वीट किया.
भोपाल की सभा में अपने 51 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने शिवराज का नाम तक नहीं लिया.
शिवराज सिंह चौहान बीजेपी की दूसरी सूची आने के बाद सारे अधिकारियों के साथ विदाई बैठक कर चुके है.
आज जब कमलनाथ से ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बहुत याद आएगी जनता को, उनके झूठ और उनकी झूठी घोषणाएं की.
अब आपको ये भी बताते हैं कि आखिर क्या वजह है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय नेतृत्व इतना नाराज है.
ये पांच कारण भी समझ लीजिए
संगठन पर सरकार हावी रही, जो निर्णय संगठन लेता था वो सरकार लेने लगी. बीजेपी प्रदेश अध्यक्षों की अनदेखी की गई.
प्रदेश में नौकरशाही हावी रही. कुछ खास अफसरों के ही भरोसे बड़े-बड़े फैसले लिए गए.
ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित समर्थकों के बीजेपी में आने के बाद उनके समर्थक मंत्रियों को बीजेपी में मिक्स नहीं कर पाए.
पीएम मोदी के समानांतर खड़े होने की कोशिश हुई है. पीएम आवास योजना की तरह लाड़ली आवास योजना को लाया गया.
एमपी में शिवराज ने कोई नया नेतृत्व नहीं बनने दिया.
यही कारण हैं जिससे कि केंद्रीय नेतृत्व शिवराज से नाराज है..