मंत्रिमंडल विस्तार के बावजूद बढ़ सकती है BJP की मुश्किलें, घाटे का सौदा साबित न हो ये तीन मंत्री
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से करीब दो माह पहले शनिवार को शिवराज मंत्रिमंडल में तीन नए मंत्रियों को शामिल किया गया है। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने तीनों मंत्रियों को राजभवन में शपथ दिलवाई। इन तीनों मंत्रियों में महाकौशल से गौरीशंकर बिसेन, विंध्य से राजेंद्र शुक्ला और बुंदेलखंड से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे राहुल लोधी शामिल है। बिसेन और शुक्ला को कैबिनेट मंत्री, जबकि लोधी को राज्यमंत्री बनाया गया है। शिवराज कैबिनेट में अब 33 मंत्री हो गए हैं। अभी भी 1 पद खाली है। विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कई बार प्रदेश का दौरा कर चुके हैं। शाह के दौरे पर ही वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी का मुद्दा उठाया गया था। इसके बाद कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी दी गई थी।दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में आने के बाद गठित मंत्रिमंडल को लेकर पूर्व सीएम उमा भारती कई बार कह चुकी थीं कि मंत्रिमंडल में जातीय संतुलन नहीं है। उमा के इस बयान के पीछे की वजह यह थी कि मंत्रिमंडल में लोधी समाज का एक भी मंत्री नहीं था, जबकि पिछली भाजपा की सरकारों में कुसुम महदेले और जालम सिंह पटेल मंत्री थे। 2014 में बनी केंद्र में मोदी सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती केंद्रीय कैबिनेट में शामिल थीं। विंध्य में 2018 की विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित सफलता मिलने के बाद भी दमदार नेता राजेंद्र शुक्ला कैबिनेट में शामिल नहीं हो पाए थे। इस वजह से उनके समर्थकों में नाराजगी बढ़ रही थी। गौरीशंकर बिसेन महाकौशल में ओबीसी का बड़ा चेहरा हैं और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी हैं।
प्रदेश के मालवा क्षेत्र से आने वाले एक वरिष्ठ विधायक अमर उजाला से बातचीत में कहते है कि, प्रदेश में आचार संहिता लगने में महज 50 दिन का समय बचा हुआ हैं। सारे विधायक और मंत्री यह मान चुके थे कि अब कोई विस्तार नहीं होगा। यहीं नहीं गृहमंत्री अमित शाह भी बैठक में इसके संकेत दे चुके थे कि संगठन और सत्ता में कोई परिवर्तन नहीं होगा। लेकिन क्षेत्रीय और जातिगत संतुलन को साधने के लिए भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार किया। जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है उनका क्षेत्र में प्रभाव भी है।साथ ही वे जातिगत समीकरण में बिल्कुल फिट बैठते है। बावजूद इसके यह विस्तार पार्टी के लिए घाटे का सौदा साबित हो सकता है। क्योंकि प्रदेश में फिलहाल एक अनार और सौ बीमार जैसी सी स्थिति है।