MP में नेताओं से ज्यादा बाबाओं की डिमांड, क्या बागेश्वर बना देंगे सरकार
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे ही धर्मगुरुओं की डिमांड काफी बढ़ गई है। प्रदेश की राजनीति में राजनीतिक संन्यासियों की भूमिका हमेशा से काफी अहम रही है।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही इन दिनों बाबा काफी डिमांड में हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ अपने गृह क्षेत्र छिंदवाड़ा में बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की तीन दिवसीय कथा का आयोजन कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री हाल ही में हिंदू राष्ट्र के अपने मिशन के बारे में मुखर रहे हैं और कथा के लिए देशभर में यात्रा कर रहे हैं। इसी साल मई में पटना में उनकी कथा के दौरान मंच पर बीजेपी के तमाम बड़े नेता मौजूद थे।
बागेश्वर सरकार उन कई बाबाओं में से एक हैं जिनकी इस समय चुनाव वाले मध्य प्रदेश में काफी मांग है। अपनी बड़ी फैन फॉलोइंग के कारण राजनेता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में बाबाओं के कार्यक्रम आयोजित करके अपने समर्थकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।
द इकॉनोमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मई में गुना के बीजेपी नेता नीरज निगम ने धीरेंद्र शास्त्री का तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया था। उस कार्यक्रम के बाद धीरेंद्र शास्त्री कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और उनके विधायक बेटे जयवर्धन सिंह से मिलने राघौगढ़ किले पर भी गएजयवर्धन सिंह ने बताया, "पंडित शास्त्री से मेरी पहली मुलाकात जनवरी 2021 में छतरपुर में हुई थी, जब वह देश में कोई बड़ा नाम नहीं थे। उस समय मेरे पिता दिग्विजय सिंह ने उन्हें राघोगढ़ में आमंत्रित किया था। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं दिखता।" उन्होंने कहा, ''हिंदुत्व पर बीजेपी का एकाधिकार नहीं है। इसका भाजपा से कहीं अधिक बड़ा और जीवंत इतिहास है। यह हमारा व्यक्तिगत विश्वास है और हम इसका पालन करते हैं। साथ ही हम बीजेपी के विपरीत अन्य धर्मों के लोगों के भी सह-अस्तित्व की बात करते हैं।''
बाबाओं की शरण में आ रहे भाजपा और कांग्रेस के नेता
प्रदीप मिश्रा, जया किशोरी, पंडोखर सरकार, रावतपुरा सरकार संत रविशंकर और कमल किशोर नागर जैसे कई अन्य धर्म गुरु भी हैं जो इन दिनों राजनेताओं के निमंत्रण पर नियमित रूप से 'कथा' कर रहे हैं। इसी साल जून में मध्य प्रदेश के मंत्री तुलसी सिलावट ने इंदौर के अपने विधानसभा क्षेत्र सांवेर में तीन दिनों तक पंडोखर सरकार का कार्यक्रम आयोजित किया था। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भी पंडोखर सरकार के दर्शन किए थे। पंडोखर सरकार ने भाजपा के सिलावट और कांग्रेस के जीतू पटवारी दोनों को आगामी चुनाव के लिए अपना आशीर्वाद दिया। वहीं, मई में कांग्रेस नेता सत्यनारायण पटेल ने इंदौर में तीन दिनों तक जया किशोरी का कार्यक्रम आयोजित कियामध्य प्रदेश के कृषि मंत्री कमल सिंह पटेल ने भी पिछले साल हरदा में जया किशोरी का कार्यक्रम आयोजित किया था। पटेल ने बताया, ''यह कार्यक्रम मेरे बेटे की अध्यक्षता वाले सांस्कृतिक संगठन 'कमल सांस्कृतिक मंच' द्वारा लोगों के लिए लोगों के लिए आयोजित किया गया था।''उन्होंने कहा, ''यह अच्छा है कि कांग्रेस नेता अब हमारा अनुसरण कर रहे हैं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।'' यह हमारी विचारधारा की जीत है, लेकिन मध्य प्रदेश की जनता जानती है कि वे सिर्फ वोट के लिए ऐसा कर रहे हैं।''
मध्य प्रदेश में राजनीतिक संन्यासियों की अहम भूमिका
गौरतलब हो कि, मध्य प्रदेश की राजनीति में राजनीतिक संन्यासियों की भूमिका हमेशा अहम रही है। जब एक पक्ष किसी खास बाबा के करीब हो जाता है तो दूसरा पक्ष खाली नहीं बैठ सकता। यह उन्हें पार्टी लाइन से ऊपर उठकर राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बनाता है। 2018 विधानसभा चुनाव के दौरान 'कंप्यूटर बाबा' खुलकर कांग्रेस का समर्थन कर रहे थे। पंडित रविशंकर यानी रावतपुरा सरकार लहार विधायक और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह के खिलाफ लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। 20 साल पहले रविशंकर ने गोविंद सिंह को हराने की कसम खाई थी और जो भी उनके खिलाफ खड़ा होगा, उसका समर्थन करने की बात कही थी। हालांकि, गोविंद सिंह अब तक सफल रहे हैं। इस बार भी रविशंकर ने लहार से भाजपा से टिकट के दावेदार पूर्व सांसद अशोक अर्गल को अपना समर्थन दिया है। दूसरी ओर, पंडोखर सरकार खुलकर गोविंद सिंह का समर्थन कर रहे हैं और उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप भी लगाया है। था। थे।