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नरोत्तम मिश्रा, गोविंद राजपूत के गढ़ कांग्रेस की सेंध : अब इनके खिलाफ ये लड़ेंगे चुनाव ? हुए कांग्रेस में शामिल

ग्वालियर : गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के गढ़ में कांग्रेस ने सेंध लगा दी है। रविवार काे दतिया के कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अवधेश नायक कांग्रेस में शामिल हो गए।सागर जिले की सुरखी के राजकुमार सिंह धनौरा ने भी कांग्रेस जॉइन कर ली। शायर और गीतकार राहत इंदौरी की पत्नी शायर अंजुम रहबर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के गढ़ में कांग्रेस ने सेंध लगा दी है। रविवार काे दतिया के कद्दावर भाजपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री अवधेश नायक कांग्रेस में शामिल हो गए।सागर जिले की सुरखी के राजकुमार सिंह धनौरा ने भी कांग्रेस जॉइन कर ली। शायर और गीतकार राहत इंदौरी की पत्नी शायर अंजुम रहबर ने भी कांग्रेस की सदस्यता ली।

अवधेश नायक और राजकुमार सिंह धनौरा को पीसीसी में कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई। पीसीसी चीफ कमलनाथ, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह दोनों नेताओं को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। लंबे समय से इन दोनों नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने की अटकलें चल रही थीं।

इमरती देवी के कांग्रेस जॉइन करने की अटकलों पर MP कांग्रेस के चीफ कमलनाथ ने कहा, हमारे सिद्धांत क्या हैं, शिवराज सिंह का भी स्वागत है अगर वे हमारे सिद्धांत मान लें और कार्यकर्ता उन्हें स्वीकार कर लें।

नरोत्तम के खिलाफ नायक लड़ चुके विधानसभा चुनाव

2008 में विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन होने के बाद डबरा से तत्कालीन विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने दतिया से BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में नरोत्तम के खिलाफ अवधेश नायक ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की भारतीय जनशक्ति पार्टी (BJSP) से चुनाव लड़ा था। नरोत्तम मिश्रा ने 11,233 वोट के मार्जिन से जीत दर्ज की थी।

इस चुनाव में नरोत्तम मिश्रा को 34,489 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर रहे बसपा प्रत्याशी राजेन्द्र भारती को 23,256 वोट, तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को 19,209 वोट और चौथे नंबर पर रहे अवधेश नायक को 13,830 वोट मिले थे।

2016 में मिला था राज्यमंत्री का दर्जा

दतिया से चुनाव हारने के बाद अवधेश नायक ने फिर BJP में वापसी की। 2013 और 2018 के चुनाव में टिकट की दावेदारी की। 2016 में उन्हें मप्र पाठ्यपुस्तक निगम का उपाध्यक्ष बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया था। इसके बाद से ऐसा लग रहा था कि अब नरोत्तम और नायक के बीच सुलह हो गई है। नायक, नरोत्तम के खिलाफ चुनाव नहीं लडेंगे। लेकिन, अब BJP में टिकट की उम्मीद टूटने के बाद अवधेश नायक ने रविवार को कांग्रेस की सदस्यता ले ली।

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