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कमलनाथ ने दिग्विजय के बेटे को किया दरकिनार? चुनावी रणनीति से साइड लाइन हुए कांग्रेस के ये पांच दिग्गज

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस अपनी तैयारियों में जुटी है। इसी बीच मंगलवार को कांग्रेस ने चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति और चुनाव समिति की घोषणा की। चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया को बनाया गया है। वहीं, चुनाव समिति के अध्यक्ष खुद कमलनाथ हैं। कांग्रेस की इस लिस्ट में कई दिग्गज नेताओं को जगह नहीं दी है। बड़ी बात ये है कि कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह को दोनों ही कमेटियों में जगह नहीं मिली है। वहीं, कमलनाथ के बेटे और छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से सांसद नकुलनाथ को जगह दी गई है। आइए जानते हैं पांच कौन से दिग्गज नेता हैं जिन्हें कांग्रेस की लिस्ट में जगह नहीं मिली है।

जयवर्धन सिंजयवर्धन सिंह, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे हैं। विधानसभा चुनाव के लिए दिग्विजय सिंह के पास अहम जिम्मेदारी है, लेकिन कांग्रेस ने जयवर्धन सिंह को कोई जिम्मेदारी नहीं दी है। जयवर्धन सिंह राघौगढ़ विधानसभा सीट से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। कमलनाथ सरकार में उन्हें नगरीय विकास मंत्री थे। हालांकि दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को कमेटी में जगह मिली है।

राजगढ़ जिले की खिलजीपुर विधानसभा सीट से तीन बार के विधायक प्रियव्रत सिंह को भी इस लिस्ट में जगह नहीं दी गई है। प्रियव्रत सिंह का दिग्विजय सिंह का करीबी माना जाता है। प्रियव्रत सिंह 2018 में तीसरी बार खिलचीपुर विधानसभा सीट से विधायक बने थे। कमलनाथ की सरकार में प्रियव्रत सिंह ऊर्जा मंत्री थे। प्रियव्रत सिंह को दोनों लिस्टों में शामिल नहीं किया गया है।मध्यप्रदेश कांग्रेस के सीनियर नेता उमंग सिंघार को भी दोनों कमेटियों में शामिल नहीं किया गया है। सिंघार का दिग्विजय सिंह का विरोधी भी माना जाता है। कमलनाथ सरकार में उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के खिलाफ कई आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी। सिंघार गंधवानी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उमंग सिंघार को राहुल गांधी का भी करीबी माना जाता है। सिंघार प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता हैं।

2018 में कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे पीसी शर्मा को भी लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। पीसी शर्मा भोपाल की दक्षिण-पश्चिम विधानसभा सीट से विधायक हैं। कमलनाथ सरकार में उनके पास जनसंपर्क और कानून मंत्रालय था। पीसी शर्मा को कमलनाथ खेमे का माना जाता है।

 

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