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लोगों की जिन्दगी में बदलाव लाने के लिये जी-जान से जुट जायें : मुख्यमंत्री श्री चौहान

कलेक्टर-एसपी कान्फ्रेंस में दिये गये प्रमुख निर्देश

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार रहित स्वच्छ प्रशासन देना और शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी रूकावट के निचले स्तर तक पहुँचाना उनकी जवाबदारी है। उन्होंने कहा कि यह नौकरी नहीं जनसेवा है। अपनी प्रतिभा का उपयोग राज्य के विकास और लोगों की जिन्दगी को बेहतर बनाने में करें।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर-एसपी सम्मेलन में कहा कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को बड़े सौभाग्य से जनसेवा का यह स्वर्णिम अवसर मिला है। लोगों की जिन्दगी में बदलाव लाने वाले जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जमीन पर उतारने के लिये जी-जान से जुट जायें। तभी जिन्दगी की सार्थकता है। दोनों सेवाओं के अधिकारी टीम भावना से कार्य करें। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों ने अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन कर अदभुत कार्य किये हैं। आमजन के मन में यह विश्वास बरकरार रहें कि सरकार उनके साथ है। कान्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा अधिकारियों को दिये गये प्रमुख निर्देश :-

  • जेलों की सुरक्षा सख्त हो।

  • बिना अनुमति के कोई धार्मिक स्थल नहीं बने।

  • कानून व्यवस्था और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं।

  • नक्सलवाद को निर्मूल करना है, वरिष्ठ अधिकारी सतत् समीक्षा करें।

  • शासकीय नौकरी में बैगा जनजाति को प्राथमिकता।

  • सायबर अपराधों को रोकने के लिये दुनिया की एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग करें।

  • म.प्र. स्थित सैन्य संस्थानों के प्रमुखों से सतत सम्पर्क रखें और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

  • आंतरिक सुरक्षा के लिये हर जरूरी कदम उठायें।

  • विस्फोटक सामग्री/लायसेंस की नियमित चेकिंग करें।

  • किसी भी घटना को ठीक से हेण्डल करें तथा सही उपाय और सही कार्यवाही करें।

  • शासकीय कर्मी पर शासकीय कर्त्तव्य के निवर्हन के दौरान हमले पर सही और सख्त कार्यवाही करें।

  • ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी नहीं चलायें, चेकिंग बढ़ायें।

  • अवैध शस्त्र निर्माण पर सख्त कार्यवाही और इस कार्य में लगे लोगों के लिये वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करें।

  • आदतन अपराधियों पर सख्त कार्यवाही करें।

  • महिलाओं के लिये असुरक्षित सार्वजनिक स्थानों की पहचान कर आवश्यक उपाय करें।

  • प्रभारी मंत्री हर तीन माह में कानून-व्यवस्था की समीक्षा करें।

  • बिजली तार चोरों पर सख्त कार्यवाही करें।

  • चिन्हित अपराधों की संख्या दोगुनी कर ठोस कार्यवाही करें।

  • फिरौती को चिन्हित अपराधों में शामिल करें।

  • चिटफण्ड कम्पनियों के विरूद्ध शुरू में ही कार्यवाही करें।

  • माफिया, स्मगलर आदि अपराधियों के विरूद्ध सघन अभियान चलायें।

  • बाढ़ वाले जिलों में मोटर बोट पहले से ही खरीदें।

  • मध्यप्रदेश पुलिस के स्टेटिकल डॉटा-2016 का विमोचन किया।

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