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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फिर की मध्यप्रदेश सरकार की तारीफ

बुंदेलखण्ड पैकेज में मध्यप्रदेश द्वारा किये गये कार्यों को गिनाया
महोबा में बुंदेलखण्ड क्षेत्र के विकास कार्यों को लेकर की म.प्र. और उ.प्र. सरकारों की तुलना
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के हिस्से के बुंदेलखण्ड क्षेत्र के महोबा में एक सिंचाई परियोजना के उदघाटन कार्यक्रम और परिवर्तन रैली में मध्यप्रदेश सरकार की भरपूर तारीफ की। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने अपने हिस्से के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में केन्द्र सरकार द्वारा बुंदेलखण्ड पैकेज में दी गयी राशि का अधिकतम उपयोग कर सिंचाई सुविधा, खाद्यान्न भण्डारण सुविधा, पेयजल सुविधा, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का जाल बिछाकर स्थानीय निवासियों, किसानों और पशु-पालकों की मदद की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश, दोनों को अपने-अपने हिस्से के बुंदेलखण्ड क्षेत्र के विकास के लिये करीब 3500-4000 करोड़ रुपये दिये थे। मध्यप्रदेश ने जहाँ इस राशि का उपयोग कर 90 प्रतिशत योजनाओं, कार्यक्रमों को अमली जामा पहनाया, वहीं उत्तर प्रदेश में अभी तक सिर्फ 40 प्रतिशत ही काम हो पाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने केन्द्र की राशि से 70 सिंचाई परियोजना शुरू की, जिसमें से एक भी पूरी नहीं हुई। दूसरी ओर मध्यप्रदेश के हिस्से में राज्य सरकार ने 170 परियोजनाओं का क्रियान्वयन आरंभ कर सभी को पूरा कर दिया। मध्यप्रदेश के इस सराहनीय प्रयास से मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड हिस्से का किसान सुखी हो गया। उत्तर प्रदेश का किसान दुखी का दुखी रहा।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र द्वारा भेजी गयी राशि के अंतर्गत वॉटर-शेड मैनेजमेंट के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने 1000 प्रोजेक्ट शुरू किये। इन सभी प्रोजेक्ट में काफी अच्छा काम हुआ। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में एक भी काम शुरू नहीं हुआ और दिल्ली से भेजे गये पैसे सड़ते रहे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि केन्द्र की राशि से उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड में 30 हजार कुएँ बनाने का लक्ष्य था। बने केवल 3500 । इस तरह करीब 27 हजार कुएँ कहाँ गये, किसी ने नहीं देखा। मध्यप्रदेश के बुंदेलखण्ड में मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने 45 हजार कुओं के लक्ष्य के विरुद्ध 47 हजार कुओं का काम पूरा कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान की फसल की उचित भण्डारण व्यवस्था भी केन्द्र की राशि से दोनों राज्यों के बुंदेलखण्ड क्षेत्र में होना थी। मध्यप्रदेश ने अपने हिस्से के बुंदेलखण्ड में 6 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न संग्रहण क्षमता के गोडाउन बना डाले। उत्तर प्रदेश में एक भी काम नहीं हुआ, जो पैसों की बर्बादी का उदाहरण है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों की पशु-पालन और दुग्ध-उत्पादन से जोडकर मदद की जा सकती है। मध्यप्रदेश ने केन्द्र द्वारा भेजी गयी राशि से अपने हिस्से के बुंदेलखण्ड में 18 हजार परिवार को सफलतापूर्वक पशु-पालन और दुग्ध-उत्पादन से जोड़ दिया। नये मिल्क-रूट बन गये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में नई दुग्ध-उत्पादन सहकारी समितियाँ तो बनी ही नहीं, न नये मिल्क-रूट विकसित हुए, बल्कि जो पुरानी समितियाँ थी, उनको भी खत्म कर दिया गया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि अच्छी सरकार क्या होती है और उससे लोगों के जीवन में क्या फर्क पड़ता है, इसे मध्यप्रदेश और बुंदेलखण्ड में हुए इन कामों से बखूबी समझा जा सकता है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने देश की नदियों को जोड़ने का सपना देखा था। दोनों राज्यों के बुंदेलखण्ड इलाके में केन-बेतवा लिंक योजना आकार लेने वाली है। यह काम होकर रहेगा और पूरे बुंदेलखण्ड को इसका लाभ मिलेगा। एक बार बुंदेलखण्ड के किसानों को पानी मिल गया तो वे मिट्टी से सोना पैदा करने में सक्षम हो जायेंगे।

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