Homeप्रमुख खबरे,खास खबरे,
शरद पूर्णिमा से दीपावली तक खरीदारी के लिए शुभ दिन

दीपावली के त्यौहार का आना उमंग, प्रसन्नता और सम्पन्नता का द्योतक है। इसका अर्थ यह कदापि नहीं है कि दीपावली पर फिजूलखर्ची की जाए, इसलिए उतना ही उत्साह दिखाएं जितना उचित हो। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए तो दीपावली पर सोच-समझकर खर्च करना ही बुद्धिमानी होगी। दीपावली पर खरीदारी का बजट निर्धारित करें ताकि आपका बजट संतुलित रहे और त्यौहार का उत्साह भी बना रहे। 


यह सच है कि दीपावली को यदि खरीदारी का त्यौहार कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कुछ लोग अपनी शानो-शौकत, झूठे दिखावे और विक्रेता के झूठे प्रलोभनों में आकर अनावश्यक और जरूरत से ज्यादा खरीदारी भी कर डालते हैं जिससे उनका पूरे वर्ष का बजट बिगड़ जाता है। 


दीपावली के समय अक्सर प्रत्येक विक्रेता अपनी दुकान पर 20-30 प्रतिशत छूट, सेल, विशेष उपहार, मुफ्त योजना इत्यादि का बोर्ड लगा कर रखता है, साथ ही प्रतियोगिता के इस युग में प्रत्येक विक्रेता अपनी बेचने वाली वस्तुओं को अधिक से अधिक आकर्षक बनाने की चेष्टा भी करता है परन्तु खरीदार को यह अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि वह जो वस्तु खरीद रहा है वह उसके लिए कितनी उपयोगी है, ठीक भी है या नहीं और वस्तु को आवश्यकतानुसार कितनी मात्रा में खरीदा जाए। 

Share This News :