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त्रिपुरा में घर तक पहुंचने लायक सड़कें नहीं, BMW लौटाएंगी दीपा; सचिन ने सौंपी थी चाबी

मुंबई.ओलिंपियन एथलीट दीपा कर्माकर को सितंबर में BMW गिफ्ट की गई थी। दीपा के कोच बिश्वेश्वर नंदी ने बताया कि दीपा की फैमिली से बात कर हमने इसे नहीं लेने का फैसला किया है। त्रिपुरा में दीपा के घर तक पहुंचने के लिए इसके लायक न तो सड़कें हैं, न ही आसपास कोई सर्विस सेंटर है। इसका मेंटेनेंस कर पाना फैमिली के लिए आसान नहीं होगा। बता दें कि इसकी चाबी सचिन तेंडुलकर ने उन्हें सौंपी थी। हैदराबाद डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट चामुंडेश्वरनाथ ने यह कार गिफ्ट की थी।
 
- कोच बिश्वेश्वर नंदी ने बताया- "दीपा जिस जगह रहती है, वहां की रोड काफी संंकरी हैं। आसपास कोई सर्विस सेंटर नहीं है। ऐसे में, कार का मेंटेनेंस मुश्किल हो जाएगा।"
- नंदी ने बताया कि कार के बदले कैश देने की बात कही गई है। इससे हम छोटी कार ले लेंगे। हालांकि, दीपा के पिता ने इस बारे में जानकारी न होने की बात कही है।
- दीपा और उनके पिता को कार ड्राइविंग नहीं आती। BMW मिलने पर जब दीपा से इस बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था कि गाड़ी आएगी तो मैं और पापा ड्राइविंग सीख लेंगे।
- हालांकि, BMW लौटाने पर उनकी तरफ से कोई कमेंट नहीं मिला है।
 
सचिन ने दीपा, साक्षी, सिंधु और गोपीचंद को भी दी थी चाबी
-सचिन तेंडुलकर ने सितंबर में रियो ओलिंपिक में मेडल विजेता पीवी सिंधु, जिमनास्ट दीपा कर्माकर, रेसलर साक्षी मलिक और सिंधु के कोच पुलेला गोपीचंद को सम्मानित किया था।
- चारों को हैदराबाद डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट चामुंडेश्वरनाथ की ओर से बतौर इनाम BMW कारें दी गई थीं।
- इनाम पाने वालों को कार की चाबी सचिन तेंडुलकर के हाथों दी गई थी।
- बता दें कि सिंधु ने सिल्वर और साक्षी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं, जिमनास्टिक के प्रोडुनोवा इवेंट में दीपा 4th पोजिशन पर रही थीं।
 
सिंधु, साक्षी और दीपा के अचीवमेंट
# सिंधु ने बैडमिंटन में दिलाया पहला सिल्वर
- सिंधु ने रियो में सिल्वर जीता। 92 साल से भारत ओलिंपिक में महिला एथलीट्स भेज रहा है। लेकिन सिल्वर जीतने वाली वे पहली महिला बनींं। बैडमिंटन में भी पहली बार सिल्वर सिंधु ने ही दिलाया है।

# साक्षी ने दिलाया अोलिंपिक में महिला रेसलिंग​ का पहला मेडल
- साक्षी ने रियो ओलिंपिक का पहला मेडल जीता था। उन्होंने रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
- महिला रेसलिंग में भारत का किसी भी अोलिंपिक में पहला मेडल रहा।

# दीपा रहींं 4th पोजिशन पर
- जिमनास्टिक में दीपा 4th पोजिशन पर रही थीं। 1896 से हो रहे ओलिंपिक में पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई भारतीय जिमनास्ट फाइनल में पहुंचा था।
- बता दें कि दीपा भारत की ओर से ओलिंपिक में जाने वाली पहली महिला जिमनास्ट थीं।
- आजादी के बाद से 11 भारतीय पुरुष जिमनास्ट ओलिंपिक में जा चुके हैं। इससे पहले 1952 में 2, 1956 में 3 और 1964 में 6 भारतीय पुरुष जिमनास्ट ओलिंपिक में गए थे।
- 52 साल बाद दीपा ओलिंपिक के जिमनास्टिक में हिस्सा लेने वाली एथलीट बनी थीं। वहीं, 120 साल में पहली बार भारतीय जिमनास्ट ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली एथलीट रहीं।

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