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हर ग्राम पंचायत में मंगलवार को अनिवार्यत: हो जन-सुनवाई : कलेक्टर

जनपद पंचायत मुरार की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश 
ग्वालियर । हर ग्राम पंचायत में शासकीय दफ्तरों की तर्ज पर प्रत्येक मंगलवार को “जन-सुनवाई” करें। जन-सुनवाई में सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी व ग्राम रोजगार सहायक मौजूद रहकर ग्रामीणों की पंचायत स्तरीय समस्याओं का समाधान करें। यह निर्देश कलेक्टर राहुल जैन ने जनपद पंचायत मुरार की समीक्षा बैठक में दिए। कलेक्टर ने अच्छा काम करने वाले सचिवों व रोजगार सहायकों को जहाँ शबाशी दी। वहीं खराब प्रगति वाली पंचायतों के सचिवों व रोजगार सहायकों का वेतन राजसात करने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा। 
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीरज कुमार सिंह भी मौजूद थे। बुधवार को यहाँ जनपद पंचायत मुरार के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर जैन ने स्पष्ट किया कि यदि ग्राम पंचायत स्तरीय समस्यायें लेकर ग्रामीण जनों को कलेक्ट्रेट अथवा अन्य जिला कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े तो संबंधित पंचायत सचिव, पटवारी व ग्राम रोजगार सहायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा ग्राम पंचायत, पंचायत राज व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। इसलिये हर ग्राम पंचायत में सुव्यवस्थित ढंग से पंचायत भवन में ग्राम पंचायत कार्यालय संचालित करें। कलेक्टर ने कहा कि पंचायत भवन में बैठकर ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सहायक पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित कराएँ। उन्होंने कहा हाल ही में आयोजित हुए ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के दौरान प्राप्त आवेदनों के आधार पर स्वीकृत पेंशन प्रमाण-पत्रों का शतप्रतिशत वितरण सुनिश्चित करें। जैन ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी हिदायत दी कि पेंशन हितग्राहियों की स्वीकृत सूची हर ग्राम पंचायत को मुहैया कराएँ। उन्होंने पंच-परमेश्वर योजना मनरेगा तथा सांसद व विधायक निधि के कामों को तत्परता से पूर्ण कराने पर भी बल दिया। बैठक में एसडीएम एस बी शर्मा व जनपद पंचायत मुरार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजीव मिश्रा सहित मुरार जनपद पंचायत के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक व नागरिक सुविधा केन्द्रों के संचालक मौजदू थे। 
 
आधार लिंक न हुए तो सचिवों व रोजगार सहायकों का वेतन होगा राजसात 
कलेक्टर राहुल जैन ने बैठक में साफ किया कि समग्र डाटा बेस को अपडेट कराने और उचित मूल्य की दुकान से जुड़े सभी पात्र उपभोक्ताओं का आधार लिंक कराने की जवाबदेही पंचायत सचिव व ग्राम रोजगार सहायकों की है। उन्होंने कहा जो सचिव व रोजगार सहायक इसमें लापरवाही बरतेंगे, उनका वेतन राजसात होगा। साथ ही नौकरी से पृथक करने की कार्रवाई भी की जायेगी।  à¤œà¥ˆà¤¨ ने मुरार जनपद पंचायत की ऐसी सभी ग्राम पंचायतों के सचिवों व रोजगार सहायकों का वेतन राजसात करने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिनके यहाँ आधार लिंकिंग का प्रतिशत अत्यधिक कम है। कलेक्टर ने कहा यदि सात दिवस में यह स्थिति नहीं सुधरी तो वेतन राजसात कर दिया जायेगा। 
 
ग्रामीणों को घर बैठे मिलेंगीं बैंक की सेवायें 
सामाजिक सुरक्षा पेंशन हो, मनरेगा की मजदूरी हो अथवा फिर शासन से मिलने वाली अन्य कोई सहायता हो। जिले के ग्रामीण हितग्राहियों को इस प्रकार की वित्तीय सेवायें जल्द ही घर बैठे ही मिलेंगीं। कलेक्टर राहुल जैन ने नागरिक सुविधा केन्द्र (कॉमन सर्विस सेंटर) से जुड़े व्हीएलई (विलेज लेवल एन्ट्रप्रोनेयर) अर्थात ग्राम स्तरीय उद्यमी के जरिए यह सेवायें ग्रामीणों को मुहैया कराने की पहल की है। इस सिलसिले में उन्होंने बुधवार को मुरार जनपद पंचायत के सचिवों व ग्राम रोजगार सहायकों को प्रशिक्षण दिलाया।

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