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शहर के हैरीटेज लुक के लिये कार्य करें : कलेक्टर

शिमला और मनाली के मालरोड़ की तर्ज पर विकसित करें फूलबाग क्षेत्र
ग्वालियर । पर्यटन की दृष्टि से शहर के हृदय स्थल फूलबाग क्षेत्र के बैजाताल, इटालियन गार्डन, बारादरी, गोपाल मंदिर को सम्मिलित करते हुए सम्पूर्ण क्षेत्र में एक साथ विकास कार्य प्रारंभ किए जाएँ। इसके लिये पर्यटन विकास निगम, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नगर निगम तीनों एक साथ कामों को हाथ में लें, जिससे इस हैरीटेज जोन को जल्द से जल्द विकसित किया जा सके। इसे शिमला और मनाली के मालरोड़ की तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए। यह बात कलेक्टर राहुल जैन ने भारत पर्यटन विकास निगम द्वारा स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत ग्वालियर के लिये स्वीकृत किए गए 26 करोड़ रूपए की राशि के कार्यों की समीक्षा और स्थल निरीक्षण के दौरान कही।
इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीरज कुमार सिंह, एसडीएम महिप तेजस्वी, रिंकेश वैश्य व विजय राज, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक राणा व कार्यपालन यंत्री श्रीवास्तव, कंसलटेंट व नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर राहुल जैन ने कहा कि ग्वालियर ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से समृद्ध शहर है। यहाँ पर आजादी के पूर्व के पुरातात्विक महत्व के भवन और संरचनायें हैं उन्हें संरक्षित किए जाने की आवश्यकता है। यह क्षेत्र देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में सक्षम है। उन्होंने अपने भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम मोतीमहल के समीप स्थित बैजाताल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बैजाताल का जीर्णोद्धार करने के साथ उसमें स्वच्छ पानी वर्ष भर उपलब्ध रहे, इसकी स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए। जीर्णोद्धार के उपरांत इसके रख-रखाव के लिये पीपीपी मॉडल पर कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने बैजाताल के समीप स्थित साडा के आरएसीडीसी सेंटर का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि इस केन्द्र को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सम्मिलित कर विकसित किया जायेगा। जिसमें स्थानीय शिल्पियों द्वारा तैयार किए गए माल के विक्रय के लिये काउण्टर भी बनाए जा सकते हैं। बैजाताल के पास एक कैफेटेरिया विकसित करने की सलाह भी उन्होंने दी।
जैन ने स्वर्णरेखा नदी पर बनाए गए ग्रामीण हाट बाजार और बारादरी का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सभी कार्य पुरातात्विक स्वरूप के अनुसार ही कराए जाएँ। बारादरी के समीप लेजर शो भी प्रस्तावित किया जा सकता है। साथ ही स्वर्णरेखा में पुन: नौकायान प्रारंभ कराने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। इटालियन गार्डन और जल विहार का भी उन्होंने अवलोकन किया। स्टेट टाईम में बनाए गए फाउण्टेन और वाटर सप्लाई व्यवस्था को देखकर उन्होंने आश्चर्य व्यबक्त किया और कहा कि इन संरचनाओं को पुन: प्रारंभ किया जायेगा। जो आने वाले पर्यटकों के लिये आकर्षण का महत्वपूर्ण केन्द्र बन सकती है। जैन ने कहा कि बैजाताल, जल विहार, इटालियन गार्डन व बारादरी क्षेत्र को आपस में जोड़ा जाना चाहिए। इसके उपरांत उन्होंने लक्ष्मीबाई स्मारक स्थल का भी निरीक्षण किया। स्मारक स्थल पर भारत पर्यटन विकास निगम और राज्य पुरातत्व विकास निगम द्वारा प्रस्तावित कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि स्मारक स्थल के प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाया जाए। साथ ही प्रतिमा के दोनों ओर पार्क विकसित किए जाएँ।
नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि पूर्व में नगर निगम द्वारा स्वर्णरेखा नदी में नौकायान संचालित किया जाता था। लेकिन वर्षाकाल में शहर से आने वाले पानी के भराव के कारण इसमें अवरोध उत्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि अगर हनुमान बांध से पानी की सप्लाई जारी रखी जाए तो नौकायान पुन: प्रारंभ किया जा सकता है। इसके साथ ही स्वर्णरेखा में आने वाले गंदे पानी को पुन: उपयोगी बनाने के लिये एक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाना प्रस्तावित है। जिसकी लागत लगभग दो करोड़ रूपए है। लेकिन पर्यटन विकास निगम द्वारा मात्र 20 लाख रूपए की राशि ही स्वीकृत की गई है। इसमें बढ़ोत्तरी की जाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही नगर निगम द्वारा फूलबाग से ग्वालियर फोर्ट के लिये रोप-वे का कार्य प्रारंभ कराया जायेगा। इसके लिये नगर निगम को सभी स्थानों से आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त हो चुके हैं।

स्थल निरीक्षण के पूर्व देखा प्रजेण्टेशन
स्थल निरीक्षण से पूर्व कलेक्टर राहुल जैन ने अधिकारियों के साथ होटल तानसेन में ग्वालियर-चंबल हैरीटेज सर्किट के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों का प्रजेण्टेशन देखा। कार्यपालन यंत्री श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वीकृत 26 करोड़ 56 लाख रूपए के कार्यों का शिलान्यास किया जा चुका है।
भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मुरैना-ओरछा हैरीटेज सर्किट की 99 करोड़ रूपए की परियोजना में से 26 करोड़ 56 लाख रूपए की लागत से ग्वालियर और मुरैना जिले में कार्य कराए जायेंगे। इसके तहत ग्वालियर शहर में बैजाताल के विकास पर 6 करोड़ 4 लाख रूपए, बारादरी के विकास पर एक करोड़ 7 लाख रूपए, इटालियन गार्डन के विकास कार्य पर 3 करोड़ 6 लाख रूपए, गोपाल मंदिर के विकास पर एक करोड़ 5 लाख रूपए, रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के विकास पर एक करोड़ 50 लाख रूपए, तानसेन संगीत संग्रहालय के उन्नयन और नवीनीकरण कार्य पर 3 करोड़ 7 लाख रूपए, ग्वालियर किले में ग्वालियर गेट, उरवाई गेट, सास-बहू का मंदिर, गुरूद्वारा एवं तेली के मंदिर के विकास पर 3 करोड़ 50 लाख 2 हजार रूपए की राशि व्यय की जायेगी। इसी क्रम में मुरैना जिले के अंतर्गत बटेश्वर के विकास पर एक करोड़ 50 लाख, पड़ावली के विकास कार्य पर एक करोड़ 50 लाख 9 हजार, मितावली के विकास कार्यों पर एक करोड़ 50 लाख 5 हजार, ककनमठ के विकास कार्यों के लिये एक करोड़ 50 लाख 2 हजार रूपए तथा पडावली पर मार्ग सुविधा केन्द्र विकसित करने के लिये एक करोड़ 3 लाख रूपए की राशि के कार्य कराए जायेंगे।
पर्यटक स्थलों पर सोविनियर शॉप, कैफेटेरिया, पार्किंग, पाथवे, टॉयलेट ब्लॉक, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पीने के पानी की सुविधा, बैंचेस, डस्टबिन, सोलर फोकस लाईट, सौंदर्यीकरण के अन्य कार्य कराए जाना भी प्रस्तावित है।

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