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सरकारी एजेन्सी के लिये आवंटित जमीन का तत्परता से नामांतरण करें : कलेक्टर

ग्वालियर । सरकारी प्रयोजन एवं शहर विकास से जुड़ीं विभिन्न विकास एजेन्सियों के लिये भू-अर्जन के जरिए उपलब्ध कराई गई जमीन का तत्परता से नामांतरण करें। साथ ही ऑनलाईन भू-दस्तावेजों में भी अपडेशन किया जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की उदासीनता बर्दाश्त नहीं होगी। यह निर्देश कलेक्टर राहुल जैन ने अंतरविभागीय समन्वय बैठक में जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को दिए। उन्होंने खासकर ग्वालियर विकास प्राधिकरण, हाउसिंग बोर्ड इत्यादि सरकारी एजेन्सियों के लिये आवंटित जमीन के त्वरित नामांतरण पर बल दिया।
सोमवार को यहाँ कलेक्ट्रेट के सभागार में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर जैन ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हैल्पलाईन में आईं शिकायतों का अध्ययन कर यह पता लगाएँ कि किन मुद्दों की शिकायतें ज्यादा आ रही हैं। इन मुद्दों पर फोकस करें, जिससे जन समस्याओं का तत्परता से निराकरण हो और लोगों को सीएम हैल्पलाईन में शिकायत करने की जरूरत ही न पड़े। जैन ने मुख्यमंत्री कौशल विकास एवं मुख्यमंत्री कौशल्या योजना से जरूरतमंद युवाओं को जोड़ने के लिये ऑनलाईन पंजीयन में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी महाविद्यालयों में भी ऑनलाईन पंजीयन कराएँ। साथ ही इस काम में जिला शिक्षा अधिकारी, सीईओ जनपद पंचायत, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास भी सहयोग करें। लोक सेवा केन्द्र एवं जनमित्र केन्द्रों के सहयोग से भी पंजीयन का काम किया जा सकता है।

आपदा प्रबंधन के लिये सूचना-तंत्र मजबूत करें
कलेक्टर राहुल जैन ने ऐहतियात बतौर आपदा प्रबंधन के लिये सूचना-तंत्र मजबूत करने पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि जिन पुल-पुलियों पर वर्षा ऋतु के दौरान पानी ओवर फ्लो होकर बहता हो वहाँ चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ। जैन ने आपात स्थिति के लिये राहत शिविर स्थलों का चयन करने की भी हिदायत दी। साथ ही सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्यों को अंजाम देने के लिये अपनी मौजूदगी में मॉकड्रिल कराएँ। उन्होंने आपात स्थिति के दौरान सुव्यवस्थित ढ़ग से राहत कार्य अंजाम देने के लिये अधिकारियों की ड्यूटी लगाने और तकनीकी दल गठित करने के निर्देश भी दिए।

“मे आई हैल्प यू” विंडो पर आवेदन फॉर्म व योजनाओं की जानकारी रखें
कलेक्ट्रेट में आम जनता की मदद के लिये स्थापित की गई “मे आई हैल्प यू” विंडो (पूछताछ केन्द्र) पर विभागीय योजनाओं की जानकारी और उनसे संबंधित आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश भी कलेक्टर ने बैठक में दिए। उन्होंने कहा जानकारी सरल भाषा में हो, जिससे आमजन उसे समझकर लाभ उठा सकें।

स्मार्ट कलेक्ट्रेट और स्मार्ट ऑफिस बनाएँ
कलेक्टर ने कह कि सुशासन के लिये कार्यालयों का स्मार्ट होना जरूरी है। इस उद्देश्य से ग्वालियर कलेक्ट्रेट को स्मार्ट कलेक्ट्रेट बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने कार्यालयों को भी स्मार्ट ऑफिस में तब्दील करें। इसके तहत पेपरलेस सिस्टम को बढ़ावा देने के लिये ई-ऑफिस की अवधारणा पर काम करें। हर शासकीय सेवक पर पहचान पत्र व नेमप्लेट हो, ऑफिस में संकेतक लगे हों और कार्यालय साफ-सुथरे रहें।

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