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औसत उत्पादन से कम उत्पादन होने पर भी किसानों को मिलेगा बीमा क्लेम

कमिश्नर ने बैठक में दिए अधिकारियों को निर्देश 
ग्वालियर। ग्वालियर संभाग के कमिश्नर एस एन रूपला ने कहा है कि ओला, पाला, अतिवर्षा से क्षति हुई फसलों के बीमा क्लेम के अलावा अगर औसत उत्पादन से भी कम उत्पादन हुआ है तो उस किसान को भी बीमा क्लेम की राशि उपलब्ध कराई जायेगी। कमिश्नर ने कहा कि चालू खरीफ फसल अभियान के दौरान शतप्रतिशत किसानों का फसल बीमा हो जाए। इसके लिये कृषि, उद्यानिकी, बीमा कंपनियाँ, बैंकर्स एवं राजस्व अधिकारी मुहिम चलायें। कमिश्नर ने कहा कि खरीफ बीमा कराने की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2017 निर्धारित की गई है। 
कमिश्नर रूपला बुधवार को मानसभागार में आयोजित योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में संयुक्त कमिश्नर विकास बी एस जाटव, उपायुक्त राजस्व विनोद भार्गव सहित संभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्नर ने कृषि, उद्यानिकी, बीमा कंपनियों से जुड़े अधिकारियों से कहा कि खरीफ फसल के दौरान शतप्रतिशत किसानों का फसल बीमा कराने के लिये मुहिम चलाई जाये। उन्होंने कहा कि कृषि संयुक्त संचालक हर सप्ताह बीमा किए गए किसानों की बीमा अपडेट रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के दौरान कुल बीमित राशि का किसानों द्वारा दो प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करना है। 4 प्रतिशत राज्य और 4 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में भरी जायेगी। इसकी अधिसूचना 8 जून को जारी की जा चुकी है। कमिश्नर ने कहा कि खरीफ फसल के दौरान तिल, उड़द, मुँगफली, धान, अरहर, सोयाबीन फसल का बीमा होना है। प्रत्येक हल्केवार ऋणी किसानों का बीमा हो, कोई भी कृषक बीमा कराने से वंचित नहीं रहे।  16 अगस्त 2017 बीमा कराने की अंतिम तिथि है। अभी भी डेढ़ माह से ऊपर का समय है। कृषि का मैदानी अमला किसानों का बीमा कराने के लिये जुट जाये। इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही एवं उदासीनता न बरती जाए। इस अवसर पर कमिश्नर ने बोनी की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रतिदिन की अपडेट जानकारी प्रस्तुत की जाए। उन्होंने सॉईल हैल्थ कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। 
 
ग्वालियर संभाग के किसानों को 430 करोड़ रूपए से अधिक का à¤«à¤¸à¤² बीमा क्लेम वितरित होगा 
कमिश्नर रूपला ने कहा कि वर्ष 2016 खरीफ फसल में हुए नुकसान की भरपाई बीमा कंपनी द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि खरीफ फसल 2016 में फसल नुकसान से प्रभावित संभाग के किसानों को बीमा कंपनियों द्वारा 430 करोड़ रूपए का बीमा क्लेम स्वीकृत किया है। इसमें 57 लाख रूपए की बीमा क्लेम उद्यानिकी फसलों का भी सम्मिलित है। कमिश्नर ने कहा कि ओला, पाला, अतिवर्षा से फसल को नुकसान होने पर तो बीमा क्लेम मिलता ही है, अगर औसत उत्पादन से कम उत्पादन होता है या आनावारी कम आने अथवा फसल कटाई प्रयोग के दौरान औसत से कम उत्पादन आता है, फसल को कीट बीमारी से नुकसान होता है, ऐसी स्थिति में भी बीमा कंपनी किसानों को क्लेम की राशि उपलब्ध करायेगी। 

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