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दुनिया में बढा हिन्दुस्तानी सैनिकों का सम्मान: महापौर

कारगिल शहीद सरमन सिंह के बलिदान दिवस पर श्रद्वांजलि सभा का आयोजन
ग्वालियर । कारगिल के अमर शहीदों के अदम्य साहस एवं बलिदान के कारण आज पूरी दुनिया में हिन्दुस्तानी सैनिकों का सम्मान बढा है। उक्ताशय के विचार आज महापौर विवेक नारायण शेजवलकर आज कारगिल शहीद सरमन à¤¸à¤¿à¤‚ह à¤–ेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था द्वारा आयोजित दो दिवसीय शहीद सरमन सिंह के बलिदान दिवस कार्यक्रम के श्रद्वांजलि कार्यक्रम में अमर शहीदों को शहर के नागरिकों की ओर से पुष्पचक्र भेंट करते समय मुख्यअतिथि के रुप में व्यक्त किए। 
जेल रोड स्थित शहीद सरमन सिंह पार्क में नगर निगम एवं कारगिल शहीद सरमन सिंह खेल एवं शिक्षा प्रसार संस्था द्वारा आयोजित श्रद्वांजलि कार्यक्रम में सूबेदार कुलदीप सिंह ने कहा कि कारगिल युद्ध में हमारे वीर जवानों के पराक्रम का लोहा सारी दुनिया मानती है क्योंकि अतिदुर्गम कारगिल क्षेत्र की ऊंची बर्फीली पहाडियों पर हमारे सैनिक चढ़ते गये, बढ़ते गये, लड़ते गये, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत को नहीं तोड़ा और घायल होते गये, प्राण गंवाते गये पर रण से मुख ना मोड़ने के परिणाम स्वरूप शत्रुओं को, घुसपेठियों को पाकिस्तानियों को मार गिराया एवं शेष बचे आतंकियों को कारगिल क्षेत्र को छोड़ कर भागना पड़ा।  à¤µà¤¹à¥€à¤‚ पुलिस लाइन के आर.आई. देवेन्द्र सिंह यादव ने अपने उदबोधन में कहा कि मैंने स्वयं जाकर कारगिल क्षेत्र देखा है वहां हमारे वीर सैनिक सीमा पर बाहरी आक्रमणों एवं आतंकबादी दुश्मनों के इरादों को नेस्तानाबूत कर रहे हैं, वहीं आंतरिक सुरक्षा को हमारी पुलिस पूरी ईमानदारी से निभा रही है। हमें गर्व है कि हमारे पुलिस परिवार में जन्मे एवं पुलिस लाईन में खेले जांबांज शहीद सरमन सिंह ने सेना में भर्ती होकर एवं कारगिल युद्ध में टायगर हिल्स को मुक्त कराया जिसे मुक्त कराना अत्यंत दुष्कर कार्य था, जिसमें उन्हें वीरगति प्राप्त हुई। हम चाहते हैं कि यहां के युवा सेना व पुलिस में जाएं। इसके लिये मैं पुलिस लाइन में शहीद सरमन सिंह संस्था के सहयोग से युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिलवाने की व्यवस्था दे सकता हूँ। हम चाहते हैं कि हमारे यहां के युवा वीर सरमन सिंह जैसे बनें।
इस अवसर पर सभापति राकेश माहौर ने शहीद सरमन सिंह का अपनी श्रृद्धांजलि देते हुए कहा कि शहीद सरमन सिंह ने हमारे ग्वालियर का गौरव बढ़ाया, हम इनकी स्मृति में 7 लाख 25 हजार रूपये की राशि से बहोड़ापुर तिराहा पर शहीद सरमन सिंह स्मृतिद्वार बनाये जाने की घोषणा करता हूँ यह कार्य बहुत जल्द ही पूरा हो जायेगा। इसके साथ ही लालटिपारा गौ-शाला के संत अच्युतानन्द जी महाराज ने श्रृद्धांजलि सभा में अपने आर्शीवचन देते हुये कहा कि संत और शहीद एक जैसे है, दोनों का काम, सेवा, त्याग, तपस्या और बलिदान यह राष्ट्रहित और समाजहित में समय-समय पर देते रहते हैं। सीमा पर जैसे कारगिल युद्ध में हमारे सरमन सिंह ने हंसते-हंसते अपने प्राणों को बलिदान कर दिया। उसी प्रकार संत भी आवश्यकता पढ़ने पर राष्ट्र के लिये जीवन समर्पित कर देते हैं, महर्षि दधीचि इसका उदाहरण है जिन्होंने राष्ट्र कल्याण के लिये अपने शरीर की अस्थियों को जीवित अवस्था में देने की स्वीकृत देना ही उनका बलिदान था। अतः ऐसे वीरों के बलिदान को हम लोग उत्सव के रूप में यदि मनाते रहेंगे तो देश का हर युवा जागृत रहेगा और आने वाले संकट से लड सकेगा। साथ ही पी.ओ. नरेन्द्र गुप्ता, मनोज उपाध्याय, एम. सुधाकर, विजय शरण शर्मा, निवास बी., पवनेश राज एवं सुश्री कोनिका, सुश्री सीमा, खुराना एवं हरिओम आदि सैनिकों के नेतृत्व में एन.सी.सी. के ब्यॉइज एवं गर्ल्स कैडिटों के द्वारा कारगिल युद्ध के 527 अमर शहीदों को सेल्यूट किया गया। इस अवसर पर नगर के पार्षद जगतसिंह कौरव, संस्था सचिव विहवल सेंगर, रविन्द्र राठौर, विनोद अष्टैया, नेत्रपाल सिंह जादौन, कमलेश शर्मा, राजेन्द्र बघैल, संदीप शर्मा, रूपसिंह पाल, भीमसिंह कुशवाह सहित बडी संख्या में शहरवासियों ने उपस्थित होकर शहीदों को श्रद्वासुमन अर्पित किए।

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