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साधारण रहकर असाधारण जीवन जिया सà¥à¤µ. पातीरामजी ने: तोमर
17वीं पà¥à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ पर आयोजित शà¥à¤°à¤®à¤µà¥€à¤° समà¥à¤®à¤¾à¤¨ समारोह में माया सिंह ने कहा- सà¥à¤µ. पातीरामजी जैसों की पà¥à¤£à¥à¤¯à¤¾à¤ˆ के कारण ही संगठन मजबूत बना
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ पंचायत à¤à¤µà¤‚ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ विकास मंतà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤°à¤¸à¤¿à¤‚ह तोमर ने कहा है कि हमारा देश à¤à¤µà¤‚ समाज आज जिन चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से जूठरहा है, à¤à¥ˆà¤¸à¥‡ दौर में करà¥à¤®à¤ ता, ईमानदारी à¤à¤µà¤‚ अपने संगठन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पूरà¥à¤£ समरà¥à¤ªà¤£à¤à¤¾à¤µ रखने वाले सà¥à¤µ. पातीराम जी जैन जैसे नेताओं व माारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤•ों का सà¥à¤®à¤°à¤£ आता है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सà¥à¤µà¤¯à¤‚ के हित-संसाधनों की पूरà¥à¤¤à¤¿ करने के बजाठसमाज व संगठन को मजबूती देने के लिठअपना जीवन होम कर दिया है। समाज के सबसे निचले तबके के हितों की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठकाम करने के जजà¥à¤¬à¥‡ के चलते सà¥à¤µ. पातीराम जी जैन ने सिरà¥à¤« à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ ही नहीं बलà¥à¤•ि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• राजनीतिक व सामाजिक संगठन में अपनी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ व सà¥à¤µà¥€à¤•ारà¥à¤¯à¤¤à¤¾ बनाई।
à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के वरिषà¥à¤ नेता à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤–र समाजसेवी सà¥à¤µ. पातीराम जैन की 17वीं पà¥à¤£à¥à¤¯à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ पर समाजसेवी संसà¥à¤¥à¤¾ ’’मदद’’ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आज पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की नगरीय पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ मायासिंह के विशिषà¥à¤Ÿ आतिथà¥à¤¯ में आयोजित शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि सà¤à¤¾ à¤à¤µà¤‚ शà¥à¤°à¤®à¤µà¥€à¤° समà¥à¤®à¤¾à¤¨ समारोह में उकà¥à¤¤ शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤£ शबà¥à¤¦à¤¸à¥à¤®à¤¨ अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथि केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ नरेनà¥à¤¦à¥à¤° सिंह तोमर ने कहा कि सà¥à¤µ.पातीराम जी गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° की à¤à¥ˆà¤¸à¥€ महान शखà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¤ थे जिनके सानिधà¥à¤¯ में रहकर उन जैसे सैकड़ों-हजारों कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने राजनीति का ककहरा सीखा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने संपनà¥à¤¨ परिवार से होते हà¥à¤ à¤à¥€ साधारण जीवन जिया लेकिन असाधारण कारà¥à¤¯ किà¤à¥¤ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सतà¥à¤¤à¤¾ संसाधनों का उपयोग अपना आरà¥à¤¥à¤¿à¤• à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯ खड़ा करने के बजाठअपनी शकà¥à¤¤à¤¿ व सामथà¥à¤°à¥à¤¯ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² गरीबों व समाज के वंचित वरà¥à¤— के हितों की रकà¥à¤·à¤¾ तथा उनकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के निराकरण में किया। शà¥à¤°à¥€ तोमर ने इस अवसर पर गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° निगम परिषद में पारà¥à¤·à¤¦ के रूप में सà¥à¤µ. शà¥à¤°à¥€ पातीराम जी के साथ बिताठसà¥à¤µà¤°à¥à¤£à¤¿à¤® दिनों के संसà¥à¤®à¤°à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ याद किया।
सà¤à¤¾ की विशिषà¥à¤Ÿ अतिथि पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की नगरीय पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ मंतà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€à¤®à¤¤à¥€ माया सिंह ने अपने उदबोधन में सà¥à¤®à¤°à¤£ करते हà¥à¤ बताया कि राजमाता विजयाराजे सिंधिया गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° में किसी à¤à¥€ राजनीतिक अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ की शà¥à¤°à¥‚आत करते समय अपनी कोर टीम में सà¥à¤µ. शà¥à¤°à¥€ पातीरामजी को अनिवारà¥à¤¯ रूप से शामिल करती थीं और समय-समय पर राजनीतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ के संबंध में उनसे राय-मशविरा à¤à¥€ करती थीं। कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में विशेष रूप से उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥€à¤¯ सà¥à¤µà¤¯à¤¸à¥‡à¤µà¤• संघ के वरिषà¥à¤ पदाधिकारी यशवंत इंदापà¥à¤°à¤•र ने कहा कि सà¥à¤µ. पातीराम ने कà¤à¥€ à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को आगे रखने की अà¤à¤¿à¤²à¤¾à¤·à¤¾ मन में नहीं पाली। वे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पीछे रहकर अपने साथ के लोगों à¤à¤µà¤‚ कनिषà¥à¤ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं को आगे बढ़ाते थे। वे गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° को विशिषà¥à¤Ÿ पहचान दिलाने में जà¥à¤Ÿà¥‡ रहे।
जीडीठके अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अà¤à¤¯ चौधरी ने कहा कि समसà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€à¤¡à¤¿à¤¼à¤¤à¥‹à¤‚ की मदद के लिठसà¥à¤µ. शà¥à¤°à¥€ पातीराम जी सदैव ततà¥à¤ªà¤° रहते थे। काउंटर मेगà¥à¤¨à¥‡à¤Ÿ सिटी साडा के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राकेश जादौन ने अपनी पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾à¤‚जलि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करते हà¥à¤ बताया कि अपनी पारà¥à¤Ÿà¥€ के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ की रकà¥à¤·à¤¾ की खातिर वे अपनी निजी संपदा को à¤à¥€ दांव पर लगा देता थे। नगर निगम के पूरà¥à¤µ सà¤à¤¾à¤ªà¤¤à¤¿ बृजेंदà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤‚ह जादौन लालजी ने कहा कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न सिरà¥à¤« सà¥à¤µ. पातीरामजी के साथ पारà¥à¤·à¤¦ बनने का सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ मिला बलà¥à¤•ि निगम परिषद में उनका सरà¥à¤µà¤¾à¤§à¤¿à¤• दà¥à¤²à¤¾à¤° à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ à¤à¥€ मिला। हिनà¥à¤¦à¥‚ महासà¤à¤¾ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· जयवीर à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ ने बताया कि महाराज बाड़े पर हर रात उनकी उनकी चौपाल लगती थी जिसमें à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® à¤à¤µà¤‚ योजनाà¤à¤‚ बनती थीं। सà¤à¤¾ का संचालन मपà¥à¤° चेमà¥à¤¬à¤° ऑफ कॉमरà¥à¤¸ à¤à¤£à¥à¤¡ इणà¥à¤¡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ के मानसेवी सचिव डॉ. पà¥à¤°à¤µà¥€à¤£ अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤² ने à¤à¤µà¤‚ आà¤à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ ’’मदद’’ संसà¥à¤¥à¤¾ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· निरà¥à¤®à¤² जैन ने किया।
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलंकृत किया गया शà¥à¤°à¤®à¤µà¥€à¤° समà¥à¤®à¤¾à¤¨ से
समारोह में सà¥à¤µ. शà¥à¤°à¥€ पातीराम जी जैन की पà¥à¤£à¥à¤¯ सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में जिन करà¥à¤®à¤ , ईमानदार à¤à¤µà¤‚ सेवाà¤à¤¾à¤µà¥€ शà¥à¤°à¤®à¤¿à¤•ों को इस वरà¥à¤· के शà¥à¤°à¤®à¤µà¥€à¤° समà¥à¤®à¤¾à¤¨ से अलंकृत किया गया उनमें हसà¥à¤¤à¤¶à¤¿à¤²à¥à¤ª कारीगर राकेश विशà¥à¤µà¤•रà¥à¤®à¤¾, ऑटोचालक हरिओम चौरसिया, मिसà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ सोबरन सिंह, पà¥à¤°à¥‡à¤® मांà¤à¥€ à¤à¤µà¤‚ सिलेंडर डिलेबरी बॉय शंकर बाथम शामिल हैं। अतिथिगण ने इन सà¤à¥€ शà¥à¤°à¤®à¤µà¥€à¤°à¥‹à¤‚ को शॉल, शà¥à¤°à¥€à¤«à¤², समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¨à¤¿à¤§à¤¿ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¶à¤¸à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤¤à¥à¤° à¤à¥‡à¤‚टकर समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया तथा अपने कारà¥à¤¯ को पूरà¥à¤£ समरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ à¤à¤¾à¤µ तथा करà¥à¤®à¤ ता से करने के लिठउनकी सराहना की।
इनकी रही उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
शà¥à¤°à¤®à¤µà¥€à¤° समà¥à¤®à¤¾à¤¨ समारोह में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के जिलाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· देवेश शरà¥à¤®à¤¾, जिला उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· राकेश गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾, नगर निगम परिषद के पूरà¥à¤µ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· गंगाराम बघेल, अरूण कà¥à¤²à¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ , वरिषà¥à¤ पारà¥à¤·à¤¦ अशोक गेंड़ा, अशोक बांदिल, वीरेनà¥à¤¦à¥à¤° जैन, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के जिला महामंतà¥à¤°à¥€ दà¥à¤·à¥à¤¯à¤‚त साहनी, पारà¥à¤·à¤¦ घनशà¥à¤¯à¤¾à¤® गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾, अचलेशà¥à¤µà¤° नà¥à¤¯à¤¾à¤¸ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हरीदास अगà¥à¤°à¤µà¤¾à¤², नरेनà¥à¤¦à¥à¤° तà¥à¤°à¤¿à¤ªà¤¾à¤ ी, संजय क_ल, जगदीश खरया, हरीश मेवाफरोश, राजकà¥à¤®à¤¾à¤° जैन, जयंत शरà¥à¤®à¤¾, अशोक वै़द, विहवल सेंगर, राजेश तोमर, पूरà¥à¤µ पारà¥à¤·à¤¦ संतोषसिंह राठौर, राजू ककà¥à¤•ा, मदद संसà¥à¤¥à¤¾ के सचिव संजय चà¥à¤—, नरेनà¥à¤¦à¥à¤° छिरौलà¥à¤¯à¤¾, धरà¥à¤®à¥‡à¤‚ंदà¥à¤° शरà¥à¤®à¤¾, महेंदà¥à¤° जैन, राजीव जैन, तीरथ मिशà¥à¤°à¤¾ आदि कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ थे।