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गाँव-गाँव में स्वच्छता देवी की स्थापना तो दशहरा को होगा गंदगी रूपी रावण का दहन

स्वच्छ भारत अभियान को जन आंदोलन बनाने के लिये ग्वालियर जिले में अभिनव पहल हुई है। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल की पहल पर जिले के गाँव-गाँव में नवदुर्गा महोत्सव के दौरान स्वच्छता देवी की स्थापना कराई गई है। साथ ही विजयादशमी को गाँव-गाँव में गंदगी रूपी रावण का दहन करने का निर्णय भी लिया गया है।
स्वच्छता देवी की पूजा के लिये स्वच्छता आरती एवं स्वच्छता पर केन्द्रित भजन व कीर्तन भी तैयार कराए गए हैं। दुर्गा महोत्सव के दौरान दुर्गा पूजा के साथ-साथ स्वच्छता देवी की आरती भी उतारी जा रही है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि जहाँ स्वच्छता होती है, वहीं देवी-देवताओं का वास होता है। इस आयोजन से लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
कलेक्टर डॉ. गोयल ने कहा कि गंदगी में व्याप्त वैक्टीरिया से ही तमाम तरह की बीमारियाँ पनपती हैं। रावण भी समाज के लिये एक तरह से वैक्टीरिया के सदृश्य अर्थात बुराईयों का प्रतीक था। इसीलिये विजयादशमी के दिन जिले के गाँव-गाँव में गंदगी रूपी रावण का दहन करने के लिये ग्रामीणों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जिले में अब तक 84 ग्राम पंचायतें हुईं खुले में शौच मुक्त

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में ग्वालियर-चंबल संभाग में ग्वालियर जिला अग्रणी है। जिले में अब तक 84 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। इनमें से 40 ग्राम पंचायतें गत 2 अक्टूबर अर्थात राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की जयंती पर खुले में शौच मुक्त घोषित की गई हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जिले के विकासखण्ड मुरार व घाटीगाँव में 16-16, डबरा में 20 एवं भितरवार में 32 ग्राम पंचायतें अब तक खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुकी हैं। विदित हो जिले में कुल 256 ग्राम पंचायतें हैं। शेष ग्राम पंचायतों को 26 जनवरी तक खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की संभागीय समीक्षा बैठक में भी ग्वालियर जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई थी।

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