Home > अपना शहर ,खास खबरे,
-पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जमाने में राजाओं को हमेशा डर रहता था कि कहीं विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ नहीं हो जाठऔर यदि à¤à¤¸à¤¾ होगा तो उनकी हतà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठवे अपनी सिकà¥à¤¯à¥‚रिटी का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते थे।
-इसी सिकà¥à¤¯à¥‚रिटी का हिसà¥à¤¸à¤¾ थीं ये सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² कà¥à¤°à¥‰à¤•री, जो किसी à¤à¥€ जहर का परीकà¥à¤·à¤£ सटीकता से करती थीं। गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के सिंधिया राजवंश के राजा इस कà¥à¤°à¥‰à¤•री को विशेष रूप से चीन से लेकर आठथे।
-इस पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ की खासियत यह है इसमें फूड डालते ही तà¥à¤°à¤‚त टेसà¥à¤Ÿ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। यदि जहर हà¥à¤† तो पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ का रंग बदल जाता था। यह विशेष केमिकल के कारण होता है।
इन सिरेमिक पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में सिंधिया शासक करते थे जहर का टेसà¥à¤Ÿ, फिर खाते थे खाना
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°.सिंधिया राजवंश के शासक खाना तà¤à¥€ खाते थे, जब उसकी कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ और खासतौर से जहर का परीकà¥à¤·à¤£ हो जाता था। यह परीकà¥à¤·à¤£ होता था चीन से आई विशेष कà¥à¤°à¥‰à¤•री में। जैसे ही इस पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ में फूड डाला और यदि उसका रंग बदल जाता था । अब ये पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ सिंधिया के मà¥à¤¯à¥‚जियम का हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं।
-पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ जमाने में राजाओं को हमेशा डर रहता था कि कहीं विदà¥à¤°à¥‹à¤¹ नहीं हो जाठऔर यदि à¤à¤¸à¤¾ होगा तो उनकी हतà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। इसलिठवे अपनी सिकà¥à¤¯à¥‚रिटी का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखते थे।
-इसी सिकà¥à¤¯à¥‚रिटी का हिसà¥à¤¸à¤¾ थीं ये सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² कà¥à¤°à¥‰à¤•री, जो किसी à¤à¥€ जहर का परीकà¥à¤·à¤£ सटीकता से करती थीं। गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° के सिंधिया राजवंश के राजा इस कà¥à¤°à¥‰à¤•री को विशेष रूप से चीन से लेकर आठथे।
-इस पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ की खासियत यह है इसमें फूड डालते ही तà¥à¤°à¤‚त टेसà¥à¤Ÿ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। यदि जहर हà¥à¤† तो पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ का रंग बदल जाता था। यह विशेष केमिकल के कारण होता है।
केमिकल की कोटिंग होती थी इस कà¥à¤°à¥‰à¤•री में
दरअसल जहर परीकà¥à¤·à¤£ करने वाली कà¥à¤°à¥‰à¤•री à¤à¥€ विशेष तरीके से तैयार की जाती है। साधारण सिरेमिक की कà¥à¤°à¥‰à¤•री को à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में दो बार पकाया जाता है, लेकिन केमिकल कोटिंग वाली कà¥à¤°à¥‰à¤•री केवल à¤à¤• ही बार à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में जाती है।
-दूसरी बार इस पर à¤à¤• विशेष केमिकल, सैलेडॉन की कोटिंग की जाती है। यही केमिकल जहर का परीकà¥à¤·à¤£ करता है। à¤à¤¸à¥€ तीन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ सिंधिया के मà¥à¤¯à¥‚जियम जयविलास पैलेस में हैं।
दरअसल जहर परीकà¥à¤·à¤£ करने वाली कà¥à¤°à¥‰à¤•री à¤à¥€ विशेष तरीके से तैयार की जाती है। साधारण सिरेमिक की कà¥à¤°à¥‰à¤•री को à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में दो बार पकाया जाता है, लेकिन केमिकल कोटिंग वाली कà¥à¤°à¥‰à¤•री केवल à¤à¤• ही बार à¤à¤Ÿà¥à¤Ÿà¥€ में जाती है।
-दूसरी बार इस पर à¤à¤• विशेष केमिकल, सैलेडॉन की कोटिंग की जाती है। यही केमिकल जहर का परीकà¥à¤·à¤£ करता है। à¤à¤¸à¥€ तीन पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ सिंधिया के मà¥à¤¯à¥‚जियम जयविलास पैलेस में हैं।
चीन में विकसित हà¥à¤ˆ यह तकनीक
-इस पà¥à¤°à¤•ार की तकनीक चीन में विकसित हà¥à¤ˆ थी और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ कम à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤°à¥‰à¤•री है। इस कà¥à¤°à¥‰à¤•री का पूरा डिनर सेट हैदराबाद के निजाम शासक के पास था, जो अब सालारजंग मà¥à¤¯à¥‚जियम में रखा है।
-इस पà¥à¤°à¤•ार की तकनीक चीन में विकसित हà¥à¤ˆ थी और दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ कम à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤°à¥‰à¤•री है। इस कà¥à¤°à¥‰à¤•री का पूरा डिनर सेट हैदराबाद के निजाम शासक के पास था, जो अब सालारजंग मà¥à¤¯à¥‚जियम में रखा है।
-सिंधिया राजवंश के माधौ महाराज ने चीन से ये पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ मंगाई थीं। माधौ महाराज को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ की नायाब वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ à¤à¤•तà¥à¤° करने का शौक था और अब ये सà¤à¥€ मà¥à¤¯à¥‚जियम में रखी हैं।