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- दवे के अंतिम संसà¥à¤•ार में शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी के सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट नंदकà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह चौहान समेत केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ उमा à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€, नरेंदà¥à¤° सिंह तोमर, डॉ. हरà¥à¤·à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨, अनंत कà¥à¤®à¤¾à¤°, कैलाश विजयवरà¥à¤—ीय, नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤°à¤¾, à¤à¥ˆà¤¯à¤¾à¤œà¥€ जोशी, रामलाल, गोपाल à¤à¤¾à¤°à¥à¤—व, जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया, लालसिंह आरà¥à¤¯, गौरीशंकर शेजवार, पà¥à¤°à¤¹à¤²à¤¾à¤¦ पटेल और संजय जोशी समेत बड़ी तादाद में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेता मौजूद थे।
अनिल माधव दवे पंचततà¥à¤µ में विलीन, अंतिम विदाई देने सीà¤à¤® समेत कई नेता पहà¥à¤‚चे
à¤à¥‹à¤ªà¤¾à¤²/होशंगाबाद. केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ अनिल माधव दवे का शà¥à¤•à¥à¤°à¤µà¤¾à¤° को मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के होशंगाबाद जिले में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ और तवा नदी के संगम बांदà¥à¤°à¤¾à¤à¤¾à¤¨ में राजकीय समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के साथ अंतिम संसà¥à¤•ार किया गया। गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° को दिल का दौरा पड़ने से 61 साल की उमà¥à¤° में उनका निधन हो गया था। वे काफी वकà¥à¤¤ से बीमार चल रहे थे। दिलà¥à¤²à¥€ के à¤à¤®à¥à¤¸ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अंतिम सांस ली। सीà¤à¤® समेत कई नेता पहà¥à¤‚चे...
- दवे के अंतिम संसà¥à¤•ार में शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी के सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट नंदकà¥à¤®à¤¾à¤° सिंह चौहान समेत केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ उमा à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€, नरेंदà¥à¤° सिंह तोमर, डॉ. हरà¥à¤·à¤µà¤°à¥à¤§à¤¨, अनंत कà¥à¤®à¤¾à¤°, कैलाश विजयवरà¥à¤—ीय, नरोतà¥à¤¤à¤® मिशà¥à¤°à¤¾, à¤à¥ˆà¤¯à¤¾à¤œà¥€ जोशी, रामलाल, गोपाल à¤à¤¾à¤°à¥à¤—व, जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया, लालसिंह आरà¥à¤¯, गौरीशंकर शेजवार, पà¥à¤°à¤¹à¤²à¤¾à¤¦ पटेल और संजय जोशी समेत बड़ी तादाद में à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेता मौजूद थे।
- मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ से राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ सांसद दवे को जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2016 को केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ वन à¤à¤µà¤‚ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ मंतà¥à¤°à¥€ बनाया गया था।
- वो परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ को बचाने के कई अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ से अरसे से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने तीन किताबें-'शिवाजी व सà¥à¤°à¤¾à¤œ', 'सरà¥à¤œà¤¨ से विसरà¥à¤œà¤¨ तक' और 'उतà¥à¤¤à¤® मानव निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के हिंदू संसà¥à¤•ार' लिखी।
5 साल पहले लिखी थी वसीयत
- दवे ने निधन से 5 साल पहले 23 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2012 को ही अपनी वसीयत लिख दी थी।
- इसमें उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना अंतिम संसà¥à¤•ार होशंगाबाद जिले के बांदà¥à¤°à¤¾à¤à¤¾à¤¨ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के तट पर करने की मंशा जाहिर की थी।
- वे यह à¤à¥€ चाहते थे कि उनकी याद में पौधे लगाठजाà¤à¤‚ और पानी को बचाने के लिठकाम किया जाà¤à¥¤
- उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लिखा था, "मेरी सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में कोई सà¥à¤®à¤¾à¤°à¤•, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता, पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ न हो। मेरी सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में अगर कोई कà¥à¤› करना चाहता है तो वो वृकà¥à¤·à¥‹à¤‚ को लगाठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करके बड़ा करे तो मà¥à¤à¥‡ बड़ा आनंद होगा। वैसे ही नदियों à¤à¤µà¤‚ जलाशयों के संरकà¥à¤·à¤£ में à¤à¥€ अधिकतम पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ किठजा सकते हैं।"
- दवे ने निधन से 5 साल पहले 23 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ 2012 को ही अपनी वसीयत लिख दी थी।
- इसमें उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपना अंतिम संसà¥à¤•ार होशंगाबाद जिले के बांदà¥à¤°à¤¾à¤à¤¾à¤¨ में नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ नदी के तट पर करने की मंशा जाहिर की थी।
- वे यह à¤à¥€ चाहते थे कि उनकी याद में पौधे लगाठजाà¤à¤‚ और पानी को बचाने के लिठकाम किया जाà¤à¥¤
- उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने लिखा था, "मेरी सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में कोई सà¥à¤®à¤¾à¤°à¤•, पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता, पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार और पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ न हो। मेरी सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿ में अगर कोई कà¥à¤› करना चाहता है तो वो वृकà¥à¤·à¥‹à¤‚ को लगाठऔर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ करके बड़ा करे तो मà¥à¤à¥‡ बड़ा आनंद होगा। वैसे ही नदियों à¤à¤µà¤‚ जलाशयों के संरकà¥à¤·à¤£ में à¤à¥€ अधिकतम पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ किठजा सकते हैं।"
'मेरा नाम कहीं न आà¤'
- दवे ने अपनी वसीयत में लिखा कि पौधे लगाने और नदियों-जलाशयों को बचाने के काम में उनके नाम के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बचा जाà¤à¥¤
- दवे ने कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ चेंज पर पेरिस समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ को अपà¥à¤°à¥‚व करने में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से अहम किरदार निà¤à¤¾à¤¯à¤¾ था।
- पीà¤à¤® की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¥à¤•ीमà¥à¤¸ में वे खास सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤° थे।
- à¤à¤• साल से à¤à¥€ कम वकà¥à¤¤ के अपने टेनà¥à¤¯à¥‹à¤° में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ चेंज पर हà¥à¤ˆ कई इंटरनेशनल समिट में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अगà¥à¤†à¤ˆ की थी।
- दवे ने अपनी वसीयत में लिखा कि पौधे लगाने और नदियों-जलाशयों को बचाने के काम में उनके नाम के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बचा जाà¤à¥¤
- दवे ने कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ चेंज पर पेरिस समà¤à¥Œà¤¤à¥‡ को अपà¥à¤°à¥‚व करने में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से अहम किरदार निà¤à¤¾à¤¯à¤¾ था।
- पीà¤à¤® की परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¥à¤•ीमà¥à¤¸ में वे खास सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ और à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‡à¤œà¤° थे।
- à¤à¤• साल से à¤à¥€ कम वकà¥à¤¤ के अपने टेनà¥à¤¯à¥‹à¤° में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤Ÿ चेंज पर हà¥à¤ˆ कई इंटरनेशनल समिट में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की अगà¥à¤†à¤ˆ की थी।
हर 2 साल में मनेगा नदी महोतà¥à¤¸à¤µ
- दवे के अंतिम संसà¥à¤•ार के मौके पर शिवराज सिंह ने हर दो साल में नदी महोतà¥à¤¸à¤µ मनाने का à¤à¤²à¤¾à¤¨ किया है।
- उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा, "नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ समगà¥à¤° के पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¸à¥à¤°à¥‹à¤¤ और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नदी महोतà¥à¤¸à¤µ के जननायक अनिल माधव दवे की पहल 'नदी महोतà¥à¤¸à¤µ' हर दो साल में बांदà¥à¤°à¤¾à¤à¤¾à¤¨ में किया जाà¤à¤—ा। नरà¥à¤®à¤¦à¤¾ के किनारे 2 जà¥à¤²à¤¾à¤ˆ को 5 करोड़ पौधे लगाठजाà¤à¤‚गे।"