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कà¥à¤¯à¤¾ सिंधिया को पवैया के नाम से है चिढ़
सिंधिया राजघराने के मà¥à¤–िया à¤à¤µà¤‚ गà¥à¤¨à¤¾ सांसद को à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेता जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया के नाम से चिढ़ हैं। à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के पवैया वही है जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ के पिता सà¥à¤µ. माधवराव सिंधिया को गà¥à¤µà¤²à¤¿à¤¯à¤° से à¤à¤—ाया था। उसके बाद से ही जà¥à¤¯à¥‹à¤¤à¤¿à¤°à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤à¥à¤¯ सिंधिया पà¥à¤°à¤–र हिंनà¥à¤¦à¥‚ वादी नेता के नाम से चिढ़ते हैं। इतना ही नहीं सिंधिया की हकीकत देखें तो गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°-चंबल संà¤à¤¾à¤— में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से लेकर वृदà¥à¤§ , महिलाओं वृदà¥à¤§ महिलाओं से अपने पैर छिलवाते हैं। वहीं गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° चंबल अंचल में चंबल नदी से पहले दिलà¥à¤²à¥€ की ओर और गà¥à¤¨à¤¾ के बाद वह आम लोगों से हाथ तक मिलाते हैं।
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°-चंबल संà¤à¤¾à¤— का कोई नेता यदि उनसे हाथ मिलाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ करता है तो वह उसकी अनदेखी करते हैं वहीं आगे से उसका महल में घà¥à¤¸à¤¨à¤¾ तक बंद करा देते हैं। वहीं मपà¥à¤° की राजधानी में अदने से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾ से हाथ मिलाकर उससे गले तक मिलते हैं। देखा जाठतो यह सिंधिया इस पà¥à¤°à¤•ार से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के साथ ही à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°-चंबल संà¤à¤¾à¤— के पदाधिकारियों से दोहरा रवैया अपनाते हैं। कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कददावर नेता सिंधिया à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेता से इसलिठà¤à¥€ चिढ़ते हैं कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उनका गà¥à¤¨à¤¾ शिवपà¥à¤°à¥€ संसदीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¥€ जनाधार को कमजोर किया है। वहीं गत संपनà¥à¤¨ हà¥à¤ लोकसà¤à¤¾ के चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ में à¤à¤²à¥‡ ही à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ नेता पवैया हार गये लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ शहरी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के कददावर नेता को पानी पिला दिया और लोकसà¤à¤¾ में शहरों में सिंधिया को हार का मà¥à¤‚ह देखना पडा। अब हकीकत जो है वह सबके सामने हैं। सिंधिया को वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤•ता में पवैया के नाम से चिढ़ है और हो à¤à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं । पवैया ने उनके पिता को गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° से à¤à¤—ाया वहीं उनका सà¥à¤µà¤¯à¤‚ का जनाधार कमजोर किया । इसके चलते सिंधिया को पवैया के नाम से चिढ़ है।