à¤à¤•ातà¥à¤® मानव दरà¥à¤¶à¤¨ का विचार ही विशà¥à¤µ को शानà¥à¤¤à¤¿ के पथ पर अगà¥à¤°à¤¸à¤° करेगा - मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ à¤à¤•ातà¥à¤® मानव दरà¥à¤·à¤¨ शबà¥à¤¦ कठिन है लेकिन इसका अरà¥à¤¥ समà¤à¥‡ तो अतà¥à¤¯à¤‚त सरल है। 1964 से पूरà¥à¤µ विशà¥à¤µ में पूंजीवाद à¤à¤µà¤‚ सामà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ का बोलबाला था उस समय मंे पं. दीनदयाल जी उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ ने पूंजीवाद à¤à¤µà¤‚ सामà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦ से अलग à¤à¤•ातà¥à¤® मानववाद का विचार दिया। यह विचार à¤à¤¾à¤°à¤¤ की मिटà¥à¤Ÿà¥€ का विचार है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥‚मि से निकला है और मानव कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठहै। उकà¥à¤¤ उदà¥à¤—ार à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के राषà¥à¤Ÿà¥€à¤¯ महामंतà¥à¤°à¥€ संगठन रामलाल ने आज रामनारायण धरà¥à¤®à¤¶à¤¾à¤²à¤¾ में आयोजित à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को संबोधित करते हà¥à¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किठजहां à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ के पितृ पà¥à¤°à¥‚ष पं. दीनदयाल जी उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ ने 13 अपैà¥à¤°à¤² 1964 को सरà¥à¤µà¤ªà¥à¤°à¤¥à¤® à¤à¤•ातà¥à¤® मानव दरà¥à¤¶à¤¨ का विचार रखा था।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को संबोधित करते हà¥à¤ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शिवराज सिंह चैहान ने कहा कि à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤£à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होकर हम सब अà¤à¤¿à¤à¥‚त हैं हमारा रोम-रोम पà¥à¤²à¤•ित है यह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ हमारे लिठमंदिर है। यहां à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ विचार पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤ªà¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ हà¥à¤† जो मनà¥à¤·à¥à¤¯ के मन, बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿, तन और करà¥à¤® को बढाने का विचार है। à¤à¤•ातà¥à¤® मानव दरà¥à¤¶à¤¨ का विचार ही विशà¥à¤µ को शांति के पथ पर अगà¥à¤°à¤¸à¤° कराà¤à¤—ा। इस विचार को पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ की à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ सरकार ने पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤· में लागू करने का कारà¥à¤¯ किया है और केंदà¥à¤° सरकार à¤à¥€ इस विचार के आधार पर ही देश को आगे बढाने का कारà¥à¤¯ कर रही है उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हम सब मिलकर à¤à¤•ातà¥à¤® मानव दरà¥à¤¶à¤¨ के विचार को जमीन पर लागू करने के लिठपरिशà¥à¤°à¤® की पराकाषà¥à¤ ा तक जाते हà¥à¤ गरीबों की सेवा करेंगे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि हम सब राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ के पà¥à¤œà¤¾à¤°à¥€ पं. दीनदयाल जी ने इस मंदिर को पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤® कर पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ लें साथ ही उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¤µà¤¨ के टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से कहा कि अगर वह हमें अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दें तो हम यहां पर पं. दीनदयाल जी से जà¥à¤¡à¥€ यादों को सहेजना चाहेंगे जिसकी जो à¤à¥€ शरà¥à¤¤ हैं हमें मंजूर हैं।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• à¤à¤¾à¤·à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ सांसद à¤à¤µà¤‚ केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° सिंह तोमर ने दिया à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤•à¥à¤· शà¥à¤°à¥€ नंदकà¥à¤®à¤¾à¤° चैहान ने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¤à¤¾ की।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® का संचालन à¤à¤µà¤‚ आà¤à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ महामंतà¥à¤°à¥€ बीडी शरà¥à¤®à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया गया।
कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठमें मà¥à¤–à¥à¤¯ अतिथियों ने पं. दीनदयाल जी के चितà¥à¤° पर मालà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤ªà¤£ कर à¤à¤µà¤‚ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनी शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚जलि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ की ततà¥à¤ªà¤·à¥à¤šà¤¾à¤¤à¥ à¤à¤¾à¤œà¤ªà¤¾ जिलाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¦à¥à¤µà¤¯ देवेश शरà¥à¤®à¤¾ à¤à¤µà¤‚ वीरेंदà¥à¤° जैन ने अतिथियों का मालà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤ªà¤£ कर सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया।