अब और नहीं होंगे पठानकोट जैसे हमले, à¤à¤¯à¤°à¤¬à¥‡à¤¸ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठउठाठगठये कदम
पठानकोट à¤à¤¯à¤° बेस पर आतंकी हमले के बाद वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ ने à¤à¤¸à¥‡ कई कदम उठाये जिसमें à¤à¤¯à¤° बेस की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को अà¤à¥‡à¤¦à¥à¤¯ बनाया जा सके. वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ ने पहली बार अपने à¤à¤¯à¤° वारियरà¥à¤¸ के लिठखास कà¥à¤¯à¥‚आरटी यानी कà¥à¤¯à¥‚क रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग सà¥à¤•ूल शà¥à¤°à¥‚ किया है. इसका नाम है वन सिकà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग सà¥à¤•ूल जिसका मकसद हर à¤à¤¯à¤° बेस की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठपहली रकà¥à¤·à¤¾ पंकà¥à¤¤à¤¿ तैयार करना है. इसी कड़ी में वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ अपने à¤à¤¯à¤°à¤®à¥ˆà¤¨ और ऑफिसर को खास टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दे रही है. जिससे आने वाले दिनों में किसी à¤à¥€ आतंकी हमले को नाकाम किया जा सके. वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के à¤à¤¯à¤°à¤®à¥ˆà¤¨ और ऑफिसर के लिठरेगà¥à¤²à¤° टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के अलावा ये खास कà¥à¤¯à¥‚आरटी टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग है. आजतक पर पढ़िये कैसे à¤à¤¯à¤° फ़ोरà¥à¤¸ के ख़ास वन सिकà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग सà¥à¤•ूल à¤à¤Ÿà¤¿à¤‚डा में कैसे बन रहे आतंक का खतà¥à¤®à¤¾ करने वाले à¤à¤¯à¤° वारियरà¥à¤¸.
चार हफà¥à¤¤à¥‡ की इस खास टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग में आधà¥à¤¨à¤¿à¤• हथियारों के साथ ही कड़ी शारीरिक टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दी जाती हैं. टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग में वायà¥à¤¸à¥‡à¤¨à¤¾ के à¤à¤¯à¤°à¤®à¥ˆà¤¨ और ऑफिसर को à¤à¤• साथ टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दी जाती है, टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग बहà¥à¤¤ कड़ी होती है. टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग के दौरान इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कई पड़ावों से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ होता है. इसमें जवानों को हवा में, पानी में और जंगल में घात लगाकर मार करने की तकनीक सिखाई जाती है. आधà¥à¤¨à¤¿à¤• हथियारों से लैस ये à¤à¤¯à¤° वारियरà¥à¤¸ रात के अंधेरे में à¤à¥€ दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ को पहचान कर उनका खातà¥à¤®à¤¾ करने में टà¥à¤°à¥‡à¤‚ड होते हैं. पठानकोट आतंकी हमले के वकà¥à¤¤ आतंकी à¤à¤¯à¤° बेस के आसपास मौजूद जंगल और घासफूस का फायदा उठाकर अंदर दाखिल हà¥à¤ थे. टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग में इस तरह के हमले को नाकाम करने की ख़ास टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग दी जाती है.