सोनिया के रायबरेली में à¤à¤¾à¤°à¥€ सियासी विवाद, पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का ने मोरà¥à¤šà¤¾ संà¤à¤¾à¤²à¤¾
कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सोनिया गांधी रायबरेली से सांसद हैं. रायबरेली जिले से तीन अहम पद कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के पास हैं. à¤à¤• à¤à¤®à¤à¤²à¤¸à¥€, à¤à¤• जिला पंचायत और à¤à¤• विधायक हैं. दिलचसà¥à¤ª बात ये है कि, ये तीनों पद तीन à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚ के पास है और उनका कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ से विवाद हो गया है. à¤à¤• à¤à¤¾à¤ˆ दिनेश पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª सिंह, जो à¤à¤®à¤à¤²à¤¸à¥€ हैं, उनको कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ज़िला अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· वी के शà¥à¤•à¥à¤² ने अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤ काल के लिठपारà¥à¤Ÿà¥€ से निलंबित कर दिया है. à¤à¤¸à¥‡ में अब खतरा है कि, कहीं दिनेश के बाकी दोनों à¤à¤¾à¤ˆ à¤à¥€ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को à¤à¤Ÿà¤•ा न दे दें.
आपको बता दें कि लंबे समय से सोनिया गांधी के संसदीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ के à¤à¤² शरà¥à¤®à¤¾ से दिनेश सिंह का विवाद चल रहा था. हाल में यूपी में सरकार बदलने के बाद जब रायबरेली के ज़िला पंचायत अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और दिनेश के à¤à¤¾à¤ˆ अवधेश सिंह के खिलाफ अविशà¥à¤µà¤¾à¤¸ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µ आया तो बमà¥à¤¶à¥à¤•िल उनकी कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ बच पाई. जिसके बाद से ही दिनेश लगातार के à¤à¤² शरà¥à¤®à¤¾ पर नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने का आरोप लगाते रहें हैं. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने यहां तक कह दिया कि, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ में या तो वो रहेंगे या फिर के à¤à¤² शरà¥à¤®à¤¾.
गौरतलब है कि जिसके बाद ही पारà¥à¤Ÿà¥€ के जिला अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· ने आलाकमान के निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ का हवाला देते हà¥à¤ दिनेश सिंह को पारà¥à¤Ÿà¥€ से अनिशà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤•ाल के लिठनिलंबित कर दिया. आखिर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को ये à¤à¥€ à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ है कि, अगर अब दिनेश सिंह पारà¥à¤Ÿà¥€ छोड़ेंगे या दूसरी पारà¥à¤Ÿà¥€ जà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤¨ करेंगे तो उनकी विधान परिषद की सदसà¥à¤¯à¤¤à¤¾ चली जायेगी. इसीलिठउनको निकाला नहीं गया है. साथ ही हाल में पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के 7 जीते विधायकों में से à¤à¤• उनके à¤à¤¾à¤ˆ राकेश सिंह और ज़िला पंचायत अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¤¾à¤ˆ अवधेश पर फिलहाल इसी रणनीति के तहत à¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ नहीं लिया है. लेकिन रायबरेली का ये ताज़ा घटनाकà¥à¤°à¤® कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· सोनिया गांधी के लिठà¤à¤• à¤à¤Ÿà¤•ा तो जरूर है.
वैसे ये कौन à¤à¥‚ल सकता है कि, पिछले कà¥à¤› सालों से रायबरेली में रणनीतिक तौर पर के à¤à¤² शरà¥à¤®à¤¾ और सियासी तौर पर दिनेश सिंह गांधी परिवार के दो अहम सà¥à¤¤à¤®à¥à¤ रहें हैं. हालांकि ,के à¤à¤² शरà¥à¤®à¤¾ का गांधी परिवार से नाता दशकों पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ है, शायद इसीलिठà¤à¥€ के à¤à¤² शरà¥à¤®à¤¾ को तवजà¥à¤œà¥‹ दी गई है. वैसे सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का ये à¤à¥€ मानना है कि, यूपी में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की बà¥à¤°à¥€ गत के बाद दिनेश सिंह अपने परिवार के साथ नई राह तलाश रहे थे, लेकिन वो चाहते थे कि, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उनको परिवार समेत पारà¥à¤Ÿà¥€ से निकाल दे, जिससे उन सबकी विधायकी वगैरा बरकरार रहे.
कà¥à¤² मिलाकर देश à¤à¤° से आये दिन कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ छोड़कर जाने वाले नेताओं की खबरें आ रहीं हैं, लेकिन खà¥à¤¦ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· के इलाके में हà¥à¤† ये ताज़ा विवाद वाकई कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को à¤à¤•à¤à¥‹à¤°à¤¨à¥‡ वाला है.
सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो अब पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का ने मोरà¥à¤šà¤¾ संà¤à¤¾à¤²à¤¾ है, जिससे अगर दिनेश सिंह अपने परिवार के साथ दूरी बनाते हैं, तो à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में पारà¥à¤Ÿà¥€ को नà¥à¤•सान न हो. इसके लिठरायबरेली शहर से 5 बार विधायक रहे दबंग अखिलेश सिंह बेटी अदिति सिंह को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ दिया जा सकता है. अदिति पहली बार पिता की जगह रायबरेली से विधायक बनीं हैं.