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पन्नीरसेल्वम बोले, AIADMK पर एक परिवार का न हो कंट्रोल

सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े ने संभावित सुलह-समझौते के मुद्दे पर पनीरसेल्वम के विरोधी खेमे से बातचीत के लिए एक दल के गठन की घोषणा की। वहीं पन्नीरसेल्वम ने कहा है कि पार्टी और सरकार की डोर किसी परिवार के हाथ में नहीं होनी चाहिए और यह हमारा मौलिक सिद्धांत है।

वीके शशिकला खेमे के वरिष्ठ नेता एवं सहकारिता मंत्री सेल्लूर के राजू ने कहा कि मुख्यमंत्री के पलानीसामी ने इस उद्देश्य के लिए वरिष्ठ मंत्रियों के दल का गठन किया है। राजू ने तमिल टीवी चैनल से कहा, पैनल के वार्ता करने की काफी अधिक संभावना है।

उन्होंने कहा कि चूंकि यह दो भाईयों के बीच मतभेद का मामला है इसलिए विलय संबंधी बातचीत के लिए किसी भी पक्ष द्वारा नियम या शर्तों लगाना उचित नहीं होगा। इस बीच ओ पनीरसेल्वम खेमे ने ट्वीटर के जरिए जताया है कि वह अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े से बातचीत करने को तैयार है।

पनीरसेल्वम खेमे के ट्वीटर हैंडल पर कहा गया, अन्नाद्रमुक (अम्मा) धड़े ने बातचीत के लिए दल का गठन किया है। यह दल हमसे मुलाकात करता है तो हम भी विचार-विमर्श के लिए तैयार हैं।

सोमवार रात हुई आपात बैठक
आपातकालीन बैठक बिजली मंत्री के थंगामणि के आधिकारिक आवास पर हुई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सी विजयभास्कर भी शामिल हुए। विजयभास्कर के ठिकानों पर हाल ही में आयकर विभाग ने छापेमारी की थी। हालांकि बैठक में मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और शशिकला के भतीजे दिनाकरण भी मौजूद नहीं थे। बैठक के बाद वित्त मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि शशिकला और पन्नीरसेल्वम के बीच सुलह की कोशिशें की जा रही हैं। कुछ हद तक सहमति भी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी मंत्री और विधायक चाहते हैं कि पार्टी एकजुट रहे और सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे।

सरकार में मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि हमने बैठक में पूर्व सीएम पनीरसेल्वम के विलय वाले बयान पर चर्चा की। हम इसका स्वागत करते हैं और इस बारे में बातचीत आगे भी जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की समस्या खत्म हो गई और अब सब मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को विधायकों की बैठक बुलाई है।

वहीं अन्नाद्रमुक-अम्मा के वरिष्ठ नेता एम थंबीदुरई ने कहा कि दिनाकरन गुट पन्नीरसेलवम खेमे के साथ बात करने को तैयार है ताकि दोनों धड़ों के विलय पर काम हो सके। उन्होंने कहा, जो लोग मतभेदों के चलते छोड़ गए थे, उन्हें आने दीजिए, हम बातचीत के लिए तैयार हैं।

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