46 साल पहले पिता व परिवार को बचाने वाले à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ रिटायरà¥à¤¡ करà¥à¤¨à¤² से मिलीं शेख हसीना
नई दिलà¥à¤²à¥€à¥¤ बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ की पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शेख हसीना à¤à¤¾à¤°à¤¤ दौरे पर हैं और इस दौरान उनके सामने à¤à¤• à¤à¤¸ शखà¥à¤¸ à¤à¥€ आया जिसने आज से 46 साल पहले की à¤à¤• याद ताजा कर दीं। यह वो समय था जब पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने शेख हसीना और उनके पिता शेख मà¥à¤œà¥€à¤¬à¥à¤°à¥à¤°à¤°à¤¹à¤®à¤¾à¤¨ को जान से मारने का आदेश जारी कर दिया था। उस समय à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना के मेजर अशोक तारा थे जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी जान पर खेलकर इस परिवार को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ निकाला था।
शनिवार को पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शेख हसीना बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ के सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ संगà¥à¤°à¤¾à¤® में मारे गठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सैनिकों को समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ करने के लिठआयोजित à¤à¤• समारोह में शामिल हà¥à¤ˆà¤‚। उनके लिठयह पल काफी à¤à¤¾à¤µà¥à¤• à¤à¥€ था कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनके सामने वह इंसान खड़ा था जिसने 1971 में उनके पूरे परिवार को पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की सेना के चंगà¥à¤² से छà¥à¤¡à¤¼à¤¾ कर सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर à¤à¤¿à¤œà¤µà¤¾à¤¯à¤¾ था। उनके इस परिवार में हसीना के पिता और बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ के सबसे बड़े नेता शेख मà¥à¤œà¥€à¤¬à¥à¤° रहमान à¤à¥€ शामिल थे।
तारा के साथ खिंचवाठफोटो
1971 में मेजर तारा ने ही बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ के संसà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤• शेख मà¥à¤œà¥€à¤¬à¥à¤°à¥à¤°à¤°à¤¹à¤®à¤¾à¤¨ के परिवार को धनमंडी में उस घर से बचाकर निकाला था जहां पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ सैनिकों ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कैद कर रखा था। रहमान हसीना के पिता थे। 1971 के बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ संगà¥à¤°à¤¾à¤® में शामिल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नायकों का अà¤à¤¿à¤¨à¤‚दन करते हà¥à¤ पीà¤à¤® मोदी ने उनके योगदानों का सà¥à¤®à¤°à¤£ à¤à¥€ किया। इससे पहले मोदी और हसीना ने मेजर अशोक तारा के साथ फोटो à¤à¥€ खिंचवाà¤à¥¤
तारा को मिली थी बड़ी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€
1971 में बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ संगà¥à¤°à¤¾à¤® में à¤à¤¾à¤°à¤¤ की दखल के बाद मिली जीत के बाद मेजर अशोक तारा को à¤à¤• बड़ी जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ दी गई थी। यह जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ थी बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ के सबसे बड़े नेता शेख मà¥à¤œà¥€à¤¬à¥à¤°à¥à¤°à¤°à¤¹à¤®à¤¾à¤¨ के परिवार को उनके घर से निकालकर सकà¥à¤¶à¤² सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ जगह पर पहà¥à¤‚चाना। इनमें शेख हसीना à¤à¥€ शामिल थीं। तारा के सामने इस मिशन में सबसे बड़ी मà¥à¤¶à¥à¤•िल यह थी कि रहमान के घर को पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के सेना के जवानों ने घेर रखा था। ढाका à¤à¤¯à¤°à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ से महज बीस मिनट की दूरी पर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ धनमंडी इलाके में रहमान के परिवार को नजरबंद करके रखा गया था।
रहमान के परिवार को खतà¥à¤® करने के थे निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¾
तारा को यह मिशन अपने तीन जवानों के साथ पूरा करना था। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¤ रूप से इस मिशन में खून की à¤à¤• बूंद गिराठइसको सफलता से पूरा किया। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि वह नहीं जानते थे कि पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की सेना à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना के समकà¥à¤· हार मानते हà¥à¤ आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¤°à¥à¤ªà¤£ कर चà¥à¤•ी है। वहीं रहमान के घर के बाहर मौजूद जवानों को सखà¥à¤¤ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ थे कि किसी à¤à¥€ तरह का खतरा होते ही रहमान के पूरे परिवार को खतà¥à¤® कर दिया जाà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ में तारा ने अपनी जान का जोखिम उठाते हà¥à¤ अपने जवानों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ दूरी पर खड़ा कर दिया था और खà¥à¤¦ निहतà¥à¤¥à¥‡ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ सैनिकों के समकà¥à¤· खड़े हो गठथे। उन जवानों को वह यह बताने में सफल हो पाठकि यदि वह रहमान के परिवार को वहां से सकà¥à¤¶à¤² जाने देते हैं तो सà¤à¥€ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ जवानों की सकà¥à¤¶à¤² घरवापसी सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ की जाà¤à¤—ी।
तारा को दिया 'फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड ऑफ बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶' का समà¥à¤®à¤¾à¤¨
इस घटना के 46 वरà¥à¤· बाद रिटायरà¥à¤¡ करà¥à¤¨à¤² अशोक तारा शनिवार को बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ की पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शेख हसीना के समकà¥à¤· खड़े थे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इन पलों का जिकà¥à¤° करते हà¥à¤ कहा कि हसीना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने समकà¥à¤· देखकर काफी खà¥à¤¶ थीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वहां मौजूद पीà¤à¤® मोदी से कहा कि इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने ही उनके परिवार को उस मà¥à¤¶à¥à¤•िल घड़ी में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ निकाला था। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सैनिकों ने बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ संगà¥à¤°à¤¾à¤® में अपना जीवनोतà¥à¤¸à¤°à¥à¤— कर दिया। इस लडाई में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना का संघरà¥à¤· à¤à¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ नहीं जा सकता। हसीना ने इस मौके पर करà¥à¤¨à¤² अशोक तारा को 'फà¥à¤°à¥‡à¤‚ड ऑफ बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶' के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ से à¤à¥€ नवाजा।
पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के 93 हजार जवानों ने किया था आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¤°à¥à¤ªà¤£
13 दिन तक चली इस लड़ाई में à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने 3643 जवानों को खोया था। 13 दिन की इस लड़ाई में à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के 93 हजार जवानों को बंदी बनाया था और बाद में उनकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रिहाई तय की थी। इस लड़ाई में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के जनरल नियाजी ने सà¤à¥€ के समकà¥à¤· आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¤°à¥à¤ªà¤£ के कागजों पर हसà¥à¤¤à¤¾à¤•à¥à¤·à¤° किठथे और अपनी रिवालà¥à¤µà¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना को सौंप दी थी।
यà¥à¤¦à¥à¤§à¤¬à¤‚दियों की हà¥à¤ˆ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रिहाई
इस अवसर पर पीà¤à¤® मोदी ने कहा कि à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना ने अपना करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯ निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ में कà¤à¥€ संकोच नहीं किया और उसने यà¥à¤¦à¥à¤§ की परंपराओं का पालन कर मिसाल कायम की। 1971 के संगà¥à¤°à¤¾à¤® के बाद 93,000 यà¥à¤¦à¥à¤§à¤¬à¤‚दियों को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रिहा किया गया। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की मानवीय सदà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ इस सदी की सबसे बडी घटनाओं में à¤à¤• है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि 1971 में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ की पूरी पीढ़ी तथा बांगà¥à¤²à¤¾à¤¦à¥‡à¤¶ के विचार पर गरà¥à¤µ करने वाले हरेक वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को मिटा देने के लिठनरसंहार किया था।