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नस्लीय टिप्पणी: BJP नेता तरुण विजय ने दक्षिण भारतीयों को कहा अश्वेत

अफ्रीकी छात्रों पर हुए हमले मामले पर देश के बचाव में पूर्व बीजेपी सांसद तरुण विजय ने एक विवादित बयान दे दिया जिसके कारण वे नस्‍लवाद के आरोपों से घिर गए हैं। एक टीवी प्रोगाम में विजय ने कहा भारतीयों को नस्लभेदी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि वे देश के दक्षिणी राज्यों में रहने वाले अश्वेत लोगों के साथ रहते हैं।

हालांकि विवाद उठने पर तरुण विजय ने इस बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि शायद उनके शब्दों पूरी बात ठीक से नहीं कह पाए। उन्होंने माफी मांगते हुए लिखा कि उनके कहने का मतलब यह नहीं था जो समझ लिया गया। ट्विटर पर सफाई देते हुए तरुण विजय ने लिखा कि उनके कहने का मतलब यह था कि 'हमारे देश के कई हिस्सों में अलग अलग और विभिन्न रंग के लोग रहते हैं लेकिन हमने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया।'

क्या है पूरा मामला

विजय ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा, हमारे यहां अश्वेत लोग हर तरफ हैं। उन्होंने सवाल किया, यदि हम नस्लभेदी होते तो हमारे साथ समूचा दक्षिण क्यों होता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से संबद्ध साप्ताहिक पांचजन्य के संपादक रह चुके विजय ने दावा किया कि अफ्रीकी पूर्वजों वाले लोग महाराष्ट्र और गुजरात में दोस्ताना ढंग से रह रहे हैं।

उन्होंने भगवान कृष्ण का हवाला देते हुए यह भी कहा कि भारतीय अश्वेत भगवानों को पूजते हैं। अपनी आलोचना होने पर विजय ने सफाई पेश करते हुए कहा कि उनके शब्दों से शायद वह बात पयार्प्त रूप से जाहिर नहीं हो पाई, जो वह कहना चाह रहे थे। बीजेपी नेता ने दावा किया कि उन्होंने दक्षिण भारत को कभी अश्वेत नहीं कहा।

विजय ने कहा, मैंने कभी भी, गलती से भी दक्षिण भारत को अश्वेत नहीं कहा। मैं मरना पसंद करूंगा, लेकिन अपनी ही संस्कृति, अपने ही लोगों और अपने ही देश का मजाक कैसे उड़ा सकता हूं। बुरे तरीके से गढ़े गए मेरे वाक्य की गलत व्याख्या करने से पहले जरा सोचें।

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