बिहार में गांव गोद लिया और नाम रख दिया 'योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥'
उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ इन दिनों टà¥à¤°à¥‡à¤‚ड में हैं. जिस तरह का à¤à¤—वा कà¥à¤°à¥à¤¤à¤¾ वो पहनते हैं, लखनऊ की दà¥à¤•ानों में उनकी बड़ी मांग हैं. योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ के मà¥à¤°à¥€à¤¦ सिरà¥à¤« उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ ही नहीं बलà¥à¤•ि राजà¥à¤¯ की सीमा पार बिहार में à¤à¥€ देखने को मिल रहे हैं. योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ à¤à¤• शखà¥à¤¸ ने विकास की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से अति पिछड़े गांव को गोद लेकर उसका नामकरण 'योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ गà¥à¤°à¤¾à¤®' कर दिया है. खà¥à¤¦ को समाजसेवी बताने वाले इस शखà¥à¤¸ का दावा है कि गांव वालों की सहमति लेकर गांव का नामकरण किया गया है. हालांकि कà¥à¤› लोग गांव का पारंपरिक नाम बदलने पर असहमति जताते à¤à¥€ दिखे.
पूरà¥à¤£à¤¿à¤¯à¤¾ के केलाबाड़ी गांव के लोग सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं के अà¤à¤¾à¤µ में बदहाली का जीवन जीने को अà¤à¤¿à¤¶à¤ªà¥à¤¤ हैं. गांव में करीब 350 लोगों की आबादी है. à¤à¤¸à¥‡ में समाजसेवी राजीव कà¥à¤®à¤¾à¤° शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ का दावा है कि उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दीनदयाल उपाधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ के अंतà¥à¤¯à¥‹à¤¦à¤¯ मिशन और योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ के लोगों को सà¥à¤µà¤¾à¤µà¤²à¤‚बी बनाने के लिठउठाठगठकदमों से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ होकर इस गांव को गोद लेने का फैसला किया. राजीव कà¥à¤®à¤¾à¤° शà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤µ का कहना है कि गांव का नाम योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ गà¥à¤°à¤¾à¤® रखने से यहां के लोगों को योगी जी के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ और कृतितà¥à¤µ से पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ मिलेगी.
गांव के ही à¤à¤• यà¥à¤µà¤• शिव शंकर कà¥à¤®à¤¾à¤° ने मंदिर निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के लिठअपनी जमीन दान दी है. उसका कहना है कि यहां के पà¥à¤°à¥à¤· मजदूरी के लिठदिलà¥à¤²à¥€-पंजाब चले जाते हैं. अगर गांव में ही विकास होगा तो वो यहीं रà¥à¤• कर काम करेंगे और खà¥à¤¶à¤¹à¤¾à¤²à¥€ में à¤à¤¾à¤—ीदार बनेंगे.
देखना होगा कि योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ का नाम गांव से जà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ से इसकी तकदीर बदलती है या नहीं. पूरà¥à¤£à¤¿à¤¯à¤¾ की हकीकत यही है कि यहां कई इलाकों में अब à¤à¥€ विकास की रोशनी वैसे नहीं पहà¥à¤‚ची है जैसे कि पहà¥à¤‚चनी चाहिठथी. पूरà¥à¤£à¤¿à¤¯à¤¾ का नाम आते ही करीब 5 दशक पहले रिलीज हà¥à¤ˆ फिलà¥à¤® 'तीसरी कसम' याद आ जाती है. फणीशà¥à¤µà¤°à¤¨à¤¾à¤¥ रेणॠकी कहानी 'मारे गठगà¥à¤²à¤«à¤¾à¤®' पर आधारित इस फिलà¥à¤® में राज कपूर ने हीरामन गाड़ीवान का किरदार निà¤à¤¾à¤¯à¤¾ था.
पूरà¥à¤£à¤¿à¤¯à¤¾ के 'फकरतकिया' गांव की जीवन की कठिनाइओं को 'तीसरी कसम' ने बड़े जीवंत ढंग से उकेरा था. ये बात दूसरी है कि पांच दशक बाद à¤à¥€ पूरà¥à¤£à¤¿à¤¯à¤¾ के कई इलाके विकास की बाट जोह रहे है. अब देखना दिलचसà¥à¤ª होगा कि केलाबाड़ी गांव का नाम योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ गà¥à¤°à¤¾à¤® कर देने से वहां कà¥à¤¯à¤¾ जादू होता है.