à¤à¤®à¤¸à¥€à¤¡à¥€ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ: कैसे फेल किया गया अमित शाह का फॉरà¥à¤®à¥‚ला
बीजेपी ने इस बार à¤à¤®à¤¸à¥€à¤¡à¥€ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में तय किया था कि किसी à¤à¥€ मौजूदा पारà¥à¤·à¤¦ या उनके करीबी रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° को टिकट नहीं दिया जाà¤à¤—ा. ये फैसला पारà¥à¤Ÿà¥€ के राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· अमित शाह ने लिया था और इसे बीजेपी का गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ माडल बताया जा रहा है, जिसमें बीजेपी पहले à¤à¥€ गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ के नगर निगम चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में आज़मा चà¥à¤•ी है. दिलà¥à¤²à¥€ बीजेपी की लिसà¥à¤Ÿ में पारà¥à¤Ÿà¥€ ने ये दावा à¤à¥€ किया है कि शाह के फारà¥à¤®à¥‚ले को पूरी तरह लागू किया गया है. लेकिन बीजेपी के ही à¤à¤• नेता ने à¤à¤¸à¤¾ खेल खेला कि बीजेपी के अचà¥à¤›à¥‡-अचà¥à¤›à¥‡ रणनीतिकार गचà¥à¤šà¤¾ खा गà¤.
चलिà¤, अब आपको बताते हैं कि कैसे शाह के फॉरà¥à¤®à¥‚ले को फेल किया गया. दरअसल बीजेपी ने वजीरपà¥à¤° वारà¥à¤¡ से हरीश शरà¥à¤®à¤¾ को टिकट दिया हालांकि हरीश शरà¥à¤®à¤¾, मौजूदा पारà¥à¤·à¤¦ पूनम à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ के à¤à¤¾à¤ˆ है, लेकिन बीजेपी की इस दलील के साथ वो फारà¥à¤®à¥‚ले में फिट बैठगठथे कि वो à¤à¤• ही घर में नहीं रहते और पति, पतà¥à¤¨à¥€, बेटा, बहू, बेटी की कैटेगरी से बाहर हैं. यहां à¤à¥€ ठीक था, लेकिन खेल तो कहीं और होना था.
नामांकन दाखिल हरीश शरà¥à¤®à¤¾ ने किया, लेकिन जब नामांकन की जांच हà¥à¤ˆ, तो वज़ीरपà¥à¤° वारà¥à¤¡ के इस उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° का नामांकन तकनीकी खामियों के चलते रिजेकà¥à¤Ÿ कर दिया गया, अब नियम के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• कवरिंग कैंडीडेट पारà¥à¤Ÿà¥€ का आधिकारिक उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° होता है, अगर उसका नामांकन सही पाया जाà¤. दिलचसà¥à¤ª बात ये है कि इस सीट से कवरिंग कैंडीडेट सà¥à¤°à¥‡à¤¶ à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ थे, जो कि बीजेपी के पूरà¥à¤µ पारà¥à¤·à¤¦ हैं और 2007 में बीजेपी के टिकट पर जीते थे. 2012 में सीट महिला के लिठआरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो गई, तो उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ अपनी बहू पूनम à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ को टिकट दिला दिया जो जीत à¤à¥€ गईं और इस सीट से मौजूदा पारà¥à¤·à¤¦ à¤à¥€ हैं लेकिन अब जबकि बीजेपी के आधिकारिक उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° का परà¥à¤šà¤¾ खारिज हो गया, तो फिर सà¥à¤°à¥‡à¤¶ à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ बीजेपी के उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° बन गà¤. मतलब बहू की सीट पर अब ससà¥à¤° बीजेपी के टिकट पर चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ेंगे.
पारà¥à¤Ÿà¥€ सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• बीजेपी के आधिकारिक उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° का परà¥à¤šà¤¾ खारिज कराने का पूरा खेल पहले से ही तय था. बताया जा रहा है कि उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° के परà¥à¤šà¥‡ में जानबूà¤à¤•र कमी छोड़ी गई, ताकि कवरिंग कैंडिडेट को आधिकारिक उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° बनाया जा सके.
दिलचसà¥à¤ª बात है कि सà¥à¤°à¥‡à¤¶ à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ 2015 के विधानसà¤à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में बीजेपी छोड़कर आप में शामिल हो गठथे और आप ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपना उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° à¤à¥€ बना दिया था लेकिन बीजेपी ने अपने नेता को मना लिया था और à¤à¤¾à¤°à¤¦à¥à¤µà¤¾à¤œ ने आम आदमी पारà¥à¤Ÿà¥€ का टिकट वापस कर दिया था और फिर से बीजेपी में शामिल हो गठथे. लेकिन इस बार शाह का फारà¥à¤®à¥‚ला उनके टिकट की राह में रोडा बन गया.