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दादा की निगाह लोकसà¤à¤¾ पर, विधानसà¤à¤¾ से मोहà¤à¤‚ग
गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤°à¥¤ शिव सरकार में केबिनेट मंतà¥à¤°à¥€ जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया का विधानसà¤à¤¾ से मोहà¤à¤‚ग हो गया है। उनकी इचà¥à¤›à¤¾ लोकतंतà¥à¤° के सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š मंदिर संसद पहà¥à¤‚चने की है इसलिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अंचल में अपने दौरे बढ़ा दिठहैं। वह आमजन से खà¥à¤²à¤•र मिल रहे है और हर छोटे बड़े कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में अतिथि के रूप में शिरकत कर रहे हैं।
मà¥à¤–र वकà¥à¤¤à¤¾ और बजरंगी छवि वाले अपने उपनगर गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° से विधायक जयà¤à¤¾à¤¨ सिंह पवैया दादा इन दिनों बदलाव की बयार पर है। कà¤à¥€ अपनी तेजतरà¥à¤°à¤¾à¤° शैली के लिठपà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ बजरंगी दादा ने अपने सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में मिठास घोल दी है। उनको जनता की सेवा को अपना अधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¤® बना लिया है। वह सीधे जनता से जà¥à¤¡à¥˜à¤° उनका मन जीत रहे है। सूतà¥à¤° बताते है कि उनका अब विधायकी से मन à¤à¤° गया है। केबिनेट विसà¥à¤¤à¤¾à¤° में अपने दम पर केबिनेटी पाने वाले दादा को विà¤à¤¾à¤— à¤à¥€ मन चाहा नहीं मिल पाया। फिर à¤à¥€ वह दà¥à¤–ी मन से अपने विà¤à¤¾à¤— उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ में पूरे साफगोई से काम में जà¥à¤Ÿà¥‡ हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने दीकà¥à¤·à¤¾à¤‚त समारोह में विदेशी पारिवारिक पोशाक गाउन का खà¥à¤²à¤•र विरोध कर सीधे सादे सिमà¥à¤ªà¤² कपड़ों में à¤à¤¾à¤— लेकर à¤à¤• नई शà¥à¤°à¥‚आत की पहल की है। शिकà¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¾à¤— में सà¥à¤šà¤¿à¤¤à¤¾ लाकर उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने विà¤à¤¾à¤— की कायाकलà¥à¤ª तक कर डाली है। इसके बाबजूद विधानसà¤à¤¾ में अपने विà¤à¤¾à¤— के बजट के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लड़ाई तक लडऩा पड़ी।
इन सब घटनाकà¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ से दà¥à¤–ी दादा लोकसà¤à¤¾ का रूख करना चाहते है। इसके लिठउनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° लोकसà¤à¤¾ को ही सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š रखा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बकायदा इसके लिठदौरे à¤à¥€ बढ़ा दिठहै। वह सà¤à¥€ छोटे - बड़े कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में शिरकत कर रहे हैं। साथ ही आमजन से à¤à¥€ खà¥à¤²à¤•र मिल रहे हैं। साथ ही उनकी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का समाधान à¤à¥€ करा रहे है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सबको जोडऩा à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है। पिछले दिनों अपनी विधानसà¤à¤¾ में की फाग यातà¥à¤°à¤¾ या फिर अचानक केआरà¤à¤š का निरीकà¥à¤·à¤£ हो, वह जनता से सीधे जà¥à¤¡à¤¼ रहे हैं।
अहम छोड़ अकà¥à¤·à¤¯ को दिया आरà¥à¤¶à¥€à¤µà¤¾à¤¦
सिंधिया राजपरिवार के खिलाफ हमेशा मà¥à¤–र रहने वाले दादा के सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में बड़ा परिवरà¥à¤¤à¤¨ उस समय दिखा जब वह केबिनेट मंतà¥à¤°à¥€ और सिंधिया राजघराने की बेटी यशोधरा राजे के सà¥à¤ªà¥à¤¤à¥à¤° अकà¥à¤·à¤¯ à¤à¤‚साली के विवाह समारोह में à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ होटल में पहà¥à¤‚चे। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इस दौरान यशोधरा से जहां बात की, वहीं उनके सà¥à¤ªà¥à¤¤à¥à¤° को शà¥à¤à¤•ामनाà¤à¤‚ देकर आरà¥à¤¶à¥€à¤µà¤¾à¤¦ à¤à¥€ दिया। दादा की समारोह में मौजूदगी चरà¥à¤šà¤¾ का विषय रही। वहां मौजूद लोगों ने इसे राजनीति के à¤à¤• नये आयाम की शà¥à¤°à¥‚आत के रूप में à¤à¥€ निरूपित किया।