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गोवा:राज्यसभा में हंगामा, दिग्विजय ने कांग्रेसी नेताओं को दोषी ठहराया

गोवा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनाने में राज्यपाल की भूमिका पर कांग्रेस के सदस्यों ने आज राज्यसभा में भारी हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। वहीं गोवा चुनावों पर आलोचना का सामना कर रहे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि चुनाव से पहले गोवा फारवर्ड पार्टी के साथ गठबंधन का प्रस्ताव उनकी ही पार्टी के नेताओं ने ही नकार दिया था।

दिग्विजय गोवा में पार्टी के प्रभारी हैं। उन्होंने कहा कि गोवा फारवर्ड पा के साथ गठबंधन हो जाता तो कांग्रेस को राज्य में बहुमत मिलता और अब इस मामले में उन्हें खलनायक बनाना ठीक नहीं है।

सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस के दिग्विजय सिंह ने कहा कि गोवा के राज्यपाल द्वारा राज्य में बीजेपी की सरकार बनवाने के लिए की गयी कार्रवाई के मद्देनजर उन्होंने नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। इस पर उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि राज्यपाल द्वारा की गयी कार्रवाई पर नियम 267 के तहत चर्चा नहीं की जा सकती है और इसके लिए अलग से औपचारिक प्रस्ताव देना होगा।

इसी दौरान कांग्रेस के सदन में उप नेता आनंद शर्मा ने संविधान की धारा 164(1) का हवाला देते हुये कहा कि कोई राज्यपाल कैसे किसी केन्द्रीय मंत्री से सलाह ले सकता है। इस पर कुरियन ने कहा कि खबरों के आधार पर यह मुद्दा नहीं उठा सकते हैं। वस्तुस्थिति को ध्यान में रखते हुये काम करना होता है। इस बीच सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस ने जो मुद्दा उठाया है वह अति आवश्यक विषय है। एक राज्यपाल कैसे किसी केन्द्रीय मंत्री से अनुमति लेगा।

इसके बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस सदस्य देश की जनता और जनमत का अपमान कर रहे हैं। वे सभापति की व्यवस्था का भी उल्लंघन कर रहे हैं। जब उप सभापति ने औपचारिक प्रस्ताव देने के लिए कह दिया है तो यह मुद्दा समाप्त हो जाना चाहिए लेकिन कांग्रेस सदस्य कार्यवाही नहीं चलने की मंशा से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा के लिए है लेकिन उसके लिए पहले औपचारिक प्रस्ताव देना होगा। कांग्रेस सदस्य चंद मिनट शांत रहने के बाद फिर से सदन के बीचों-बीच पहुंच गये और 'लोकतंत्र की हत्या बंद करो- बंद करो' के नारे लगाने लगे।

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