अगर यूपी में बनी बीजेपी की सरकार, तो ये होंगे सीà¤à¤® पद के दावेदार
उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ सरà¥à¤µà¥‡ में बीजेपी की बलà¥à¤²à¥‡-बलà¥à¤²à¥‡ के बाद अब बीजेपी के à¤à¥€à¤¤à¤° मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के चेहरे को लेकर कयास लगने शà¥à¤°à¥‚ हो गठहैं. सरà¥à¤µà¥‡ में आई सीटों की बरसात के बाद बीजेपी के à¤à¥€à¤¤à¤° सीà¤à¤® पद के लिठसंà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ चेहरों की चरà¥à¤šà¤¾ जोरों पर है. अगर बीजेपी यूपी की सतà¥à¤¤à¤¾ पर काबिज होती है तो अगला सीà¤à¤® कौन होगा इस पर यूपी की जनता के साथ-साथ पूरे देश की निगाहें टिकी हैं. ये वो नाम हैं जिनमें से कोई à¤à¤• लखनऊ के पंचम तल पर बैठेगा.
राजनाथ सिंह
देश के गृह मंतà¥à¤°à¥€ और यूपी के पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ राजनाथ सिंह को यूपी में बीजेपी की कमान सौंपी जा सकती है. अगर राजà¥à¤¯ में पारà¥à¤Ÿà¥€ बहà¥à¤®à¤¤ से थोड़ा दूर à¤à¥€ जाती है तो राजनाथ सिंह ही वही चेहरा हैं जिनके नाम पर अनà¥à¤¯ दलों से समरà¥à¤¥à¤¨ जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है. राजनाथ सिंह पारà¥à¤Ÿà¥€ के à¤à¥€à¤¤à¤° साफ-सà¥à¤¥à¤°à¥€ छवि और देश मे मजबूत नेता माने जाते हैं और उनके नाम पर कोई विरोध नहीं होगा. यूपी से आने वाले राजनाथ सिंह की पहचान बड़े ठाकà¥à¤° नेता के तौर पर à¤à¥€ है. हालांकि कयास ये à¤à¥€ हैं कि राजनाथ सिंह राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजनीति छोड़कर राजà¥à¤¯ की राजनीति में नहीं जाना चाहेंगे, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि केंदà¥à¤° सरकार में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नंबर दो का कद मिला हà¥à¤† है और वो इसे कम नहीं करना चाहेंगे.
केशव पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ मौरà¥à¤¯
यूपी बीजेपी के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· और फूलपà¥à¤° से लोक सà¤à¤¾ सांसद है केशव पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ मौरà¥à¤¯ à¤à¥€ सीà¤à¤® पद की रेस में आगे हैं. केशव पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ पिछड़ी जाति मौरà¥à¤¯ से आते हैं जिसकी तादाद गैर यादव जातियों में सबसे अधिक है. संघ के सबसे करीबी और विशà¥à¤µ हिनà¥à¤¦à¥‚ परिषदॠके तेज तरà¥à¤°à¤¾à¤° नेताओं में शà¥à¤®à¤¾à¤° केपी मौरà¥à¤¯ ने पारà¥à¤Ÿà¥€ के लिठधà¥à¤†à¤‚धार पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया है. चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में मौरà¥à¤¯ अचà¥à¤›à¥‡ वकà¥à¤¤à¤¾ साबित हà¥à¤ और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पारà¥à¤Ÿà¥€ के लिठसबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ 155 चà¥à¤¨à¤¾à¤µà¥€ सà¤à¤¾à¤à¤‚ की हैं. बीजेपी में पिछड़ी जाति का चेहरा कहे जाने वाले मौरà¥à¤¯ को अमित शाह और पीà¤à¤® नरेंदà¥à¤° मोदी की खोज माना जाता है और ये दोनों ही बड़े नेताओं के करीबी माने जाते हैं. केशव पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ पर दरà¥à¤œ आपराधिक मामले उनकी राह में रोड़ा बन सकते हैं.
दिनेश शरà¥à¤®à¤¾
लखनऊ के मेयर दिनेश शरà¥à¤®à¤¾ आरà¤à¤¸à¤à¤¸ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ परिवार से आते हैं. बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£ जाति के दिनेश शरà¥à¤®à¤¾ यूपी में पारà¥à¤Ÿà¥€ के उपाधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· हैं और गà¥à¤œà¤°à¤¾à¤¤ में पारà¥à¤Ÿà¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤°à¥€ हैं. पीà¤à¤® मोदी के करीब माने जाने वाले दिनेश शरà¥à¤®à¤¾ के बà¥à¤²à¤¾à¤µà¥‡ पर ही पीà¤à¤® ने दशहरे पर लखनऊ के रामलीला कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में हिसà¥à¤¸à¤¾ लिया था. संगठन का चेहरा और परà¥à¤¦à¥‡ के पीछे रहने वाले नेता के रूप में इनकी पहचान है. दिनेश शरà¥à¤®à¤¾ ने कà¤à¥€ कोई चà¥à¤¨à¤¾à¤µ नहीं लड़ा, न तो विधायक न ही सांसद रहे, लेकिन पारà¥à¤Ÿà¥€ के बड़े नेताओं के करीबी रहे हैं.
योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥
गोरखपà¥à¤° से बीजेपी सांसद योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ पारà¥à¤Ÿà¥€ का फायर बà¥à¤°à¤¾à¤‚ड हिनà¥à¤¦à¥‚वादी चेहरा माने जाते हैं. लगातार कई बार सांसद रहे और यूपी में पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°à¤• के नाते सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इनकी मांग रही है. पूरà¥à¤µà¤¾à¤‚चल का बड़ा चेहरा हैं और खà¥à¤²à¤•र मंच से सांपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• à¤à¤¾à¤·à¤£ à¤à¥€ देते हैं. आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ पारà¥à¤Ÿà¥€ का लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हिंदू चेहरा हैं और छातà¥à¤° जीवन से ही विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ परिषदॠमें काम कर रहे हैं. पहले à¤à¥€ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पद के दावेदार रहे हैं, इस बार इनका दावा मजबूत है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ में à¤à¥€ योगी आदितà¥à¤¯à¤¨à¤¾à¤¥ ने जमकर पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° किया है. उनके खिलाफ à¤à¤¡à¤¼à¤•ाऊ à¤à¤¾à¤·à¤£ देने के मामले में के कई मà¥à¤•दमे à¤à¥€ दरà¥à¤œ हैं.
संतोष गंगवार
केदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ और बरेली से सांसद संतोष गंगवार पारà¥à¤Ÿà¥€ के à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤®à¤‚द नेता हैं. विनमà¥à¤° छवि वाले नेता के तौर पर इनकी पहचान है और संतोष गंगवार को संगठन का माहिर आदमी माना जाता है. लगातार पांच बार से सांसद गंगवार कà¥à¤°à¥à¤®à¥€ जाति से आते हैं और अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर नरेंदà¥à¤° मोदी की कैबिनेट में रहे हैं. यूपी के पूरà¥à¤µ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ सिंह के बाद बीजेपी में पिछड़ी जाति का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं. इनकी पहचान केशव मौरà¥à¤¯ की तरह हिंदूवादी नेता की नहीं है ना ही पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ मे कà¤à¥€ ये मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ की होड़ में रहे हैं लेकिन ये पारà¥à¤Ÿà¥€ के डारà¥à¤• हॉरà¥à¤¸ जरूर साबित हो सकते हैं.
मनोज सिनà¥à¤¹à¤¾
मनोज सिनà¥à¤¹à¤¾ पूरà¥à¤µà¥€ उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के गाजीपà¥à¤° से आते हैं और à¤à¥‚मिहर जाति से तालà¥à¤²à¥à¤• रखते हैं. केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ मंतà¥à¤°à¥€ सिनà¥à¤¹à¤¾ को मोदी कैबिनेट में रेल राजà¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ मंतà¥à¤°à¥€ का जिमà¥à¤®à¤¾ सौंपा गया है. छातà¥à¤° जीवन से ही राजनीति में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहे और बीà¤à¤šà¤¯à¥‚ छातà¥à¤° संघ के अधà¥à¤¯à¤•à¥à¤· à¤à¥€ रहे चà¥à¤•े हैं. सिनà¥à¤¹à¤¾ को काफी सà¥à¤²à¤ और सहज नेता माना जाता है और बड़े नेताओं के पसंदीदा नेता à¤à¥€ हैं. हालांकि यूपी के सामाजिक समीकरण इनके पकà¥à¤· में नहीं है और संगठन में इनकी कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कम मानी जाती है.