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सामने आई देश में सोने की सबसे बड़ी तस्करी, सरकार हैरान, इस ट्रिक से लाया गया 7 टन सोना

रेवेन्‍यू इंटेलिजेंस ने सोने की एक बड़ी तस्‍करी का खुलासा किया है। देश में अब तक की यह सबसे बड़ी सोने की तस्‍करी बताई जा रही है। एक ही गिरोह द्वारा पिछले ढाई साल में सात टन सोना तस्‍करी कर देश में लाया गया। यह सोना म्‍यांमार से मणिपुर मोरेह के रास्‍ते देश में लाया जाता था।
खास बात यह है कि बड़े पैमाने पर सोने की तस्‍करी के लिए पहली बार देश के अंदर हवाई रास्‍ते का इस्‍तेमाल किया गया है। करोड़ों रुपए के अमेरिकी डालर भी पकड़े गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सात टन सोने की तस्‍करी ने देश की सोना आयात नीति को भी प्रभावित कर दिया था। इसी के बाद रेवेन्‍यू इंटेलिजेंस ने शिकंजा कसा तो सोने की इस तस्‍करी का खुलासा हुआ।
रेवेन्‍यू इंटेलिजेंस दिल्‍ली जोन के एडीजी डीपी दास की मानें तो तस्‍करों ने अब बांग्‍लादेश और नेपाल को छोड़ म्‍यांमार को तस्‍करी का रास्‍ता बनाया है। देश की अब तक की हुई सोने की सबसे बड़ी तस्‍करी भी इसी रास्‍ते से हुई है। पिछले ढाई साल में इस रास्‍ते से तस्‍करी करने वाले एक गिरोह से सात टन सोना पकड़ा गया है। जिसकी बाजार में दो हजार करोड़ रुपए कीमत बताई जा रही है। इस गिरोह से लाखों अमेरिकी डालर भी बरामद किए गए हैं। यह गिरोह अब तक 617 बार हवाई मार्ग के रास्‍ते गुवाहाटी से दिल्‍ली सोना ला चुका है।
एयर लाइंस में यह गिरोह सोने को कीमती सामान बताकर बुक कराता था। घरेलू उड़ानों के जरिए इंदिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे के घरेलू कार्गो टर्मिनल पर लाते थे। जिससे कस्‍टम की नजरों से बचा जा सके। 24 कैरेट का यह सोना ज्‍यादातर छड़ के रूप में होता था।
सोना कैसे आता था देश में
मणिपुर का मोरेह इलाका म्‍यांमार के नजदीक है। इसी रास्‍ते को तस्‍कर इस्‍तेमाल करते हैं। यहां से सोना सड़क से होते हुए गुवाहाटी लाया जाता था। मिजोरम के जोखावथार इलाके से भी सोने की तस्‍करी की जा रही है। इसके बाद इसे एक खास एयरलाइंस में बुक करा दिया जाता था। घरेलू कार्गो होने के चलते इसकी जांच की जिम्‍मेदारी एयरलाइंस की होती है। यहां सीआईएसएफ और कस्‍टम कोई दखल नहीं देते हैं। कुछ ऐसा ही दिल्‍ली आने के बाद इंदिरा गांधी एयर पोर्ट के घरेलू कार्गो टर्मिनल पर होता था। घरेलू कार्गो होने के चलते यहां भी जांच की जिम्‍मेदारी एयर लाइंस के पास ही थी। उन्‍होंने बताया कि म्‍यांमार से देश में आने के बाद सोना सड़क के रास्‍ते मणिपुर से गुवाहाटी लाया जाता था। इसके लिए ट्रक का इस्‍तेमाल किया जाता था।
एयरलाइंस भी आईं निशाने पर
रेवेन्‍यू इंटेलिजेंस सोने की सबसे बड़ी तस्‍करी में एयर लाइंस और उसके कर्मचारियों की भी जांच कर रही है। सवाल यह उठता है कि कैसे 617 बार सोना बिना किसी की निगाह में आए एयर लाइंस में बुक हुआ और दिल्‍ली पहुंचने के बाद उसकी डिलीवरी भी हो गई। जबिक एयरपोर्ट पर अन्‍य जांच उपकरण होने के साथ-साथ बड़े-बड़े स्‍कैनर भी होते हैं। डीपी दास ने बताया कि मामले को देखते हुए कर्मचारियों की जांच चल रही है।
डालर में होती थी सोने की खरीद
देश में सोना आने के बाद तस्‍कर उसकी खरीद-फरोख्‍त के लिए अमेरिकी डालर का इस्‍तेमाल करते थे। 11 सितम्‍बर को विभाग की कोलकाता इकाई ने सिलीगुड़ी के निकट एक ट्रक से साढ़े सात लाख अमेरिकी डालर बरामद किए थे। यह ट्रक मणिपुर जा रहा था। भारतीय रुपए में जिसकी कीमत पांच करोड़ रुपए थी। मणिपुर के रास्‍ते डालर को सोना खरीदने के लिए म्‍यांमर भेजा जाना था। जहां उस डालर से सोने की खरीद होनी थी।
आधा हो गया देश का सोना आयात
एडीजी डीपी दास बताते हैं कि मौजूदा वित्‍त वर्ष में अप्रैल से जुलाई तक देश में 107 मीट्रिक टन सोने का आयात किया गया। जिसकी कीमत 24 हजार करोड़ रुपए थी। लेकिन पिछले वर्ष के दौरान अप्रैल से जुलाई का आयात देखें तो 274 मीट्रिक टन सोना आयात किया गया था। जिसकी कीमत 60 हजार सात सौ करोड़ रुपए थी।

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