अलगाववादी नेता गिलानी के पोते को नौकरी देने के लिठताक पर रखे नियम!
पिछले साल जब कशà¥à¤®à¥€à¤° में अलगाववादी आंदोलन के दौरान रोज नौजवानों की लाशें उठरही थीं, वहीं दूसरी तरफ हà¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤ कांफà¥à¤°à¥‡à¤‚स के पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ परसà¥à¤¤ नेता सैयà¥à¤¯à¤¦ अली शाह गिलानी के पोते को सूबे की सरकार नौकरी का तोहफा दे रही थी. वो à¤à¥€ कायदों को ताक पर रखकर.
अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ अखबार 'टाइमà¥à¤¸ ऑफ इंडिया' के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• पीडीपी-बीजेपी गठबंधन ने अनीस उल इसà¥à¤²à¤¾à¤® को शà¥à¤°à¥€à¤¨à¤—र के शेर-à¤-कशà¥à¤®à¥€à¤° इंटरनेशनल कांफà¥à¤°à¥‡à¤‚स सेंटर (à¤à¤¸à¤•ेआईसीसी) में बतौर रिसरà¥à¤š ऑफिसर नियà¥à¤•à¥à¤¤ किया. à¤à¤¸à¤•ेआईसीसी जमà¥à¤®à¥‚-कशà¥à¤®à¥€à¤° परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ विà¤à¤¾à¤— का हिसà¥à¤¸à¤¾ है. इस नौकरी में अनीस हर महीने करीब 1 लाख रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तनखà¥à¤µà¤¾à¤¹ और पेंशन जैसी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤“ं के हकदार हैं.
ताक पर रखे नियम
अखबार के सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ का दावा है कि मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ महबूबा मà¥à¤«à¥à¤¤à¥€ ने इस वेकेंसी की जानकारी सरकार की à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों को नहीं दी. नियमों के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सरकारें à¤à¤¸à¥€ नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पबà¥à¤²à¤¿à¤• सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ कमीशन और राजà¥à¤¯ अधीनसà¥à¤¥ चयन बोरà¥à¤¡ के जरिये करती हैं. à¤à¤¸à¤•ेआईसीसी के à¤à¤• अधिकारी ने टाइमà¥à¤¸ ऑफ इंडिया को बताया कि परà¥à¤¯à¤Ÿà¤¨ सचिव फारà¥à¤• शाह ने गिलानी के पोते को पहले ही चà¥à¤¨ लिया था. वो नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठबनी सीनियर सेलेकà¥à¤¶à¤¨ कमेटी के चेयरमैन थे. विà¤à¤¾à¤— ने à¤à¤¸à¥‡ वकà¥à¤¤ गिलानी को नौकरी देने का फैसला किया जब वादी में हिंसक पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ पूरे जोरों पर चल रहे थे.
पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨ की सफाई
हालांकि फारà¥à¤• शाह का दावा है कि अनीस को नियमों के तहत ही नौकरी पर रखा गया है. उनकी मानें तो अनीस को उनकी योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के आधार पर चà¥à¤¨à¤¾ गया और करीब 140 उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ ने आवेदन जमा किये थे. लेकिन नौकरी के लिठअरà¥à¤œà¥€ देने वाले कई लोगों का कहना है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इंटरवà¥à¤¯à¥‚ के लिठबà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤¾ ही नहीं गया था.
पोते का रिकॉरà¥à¤¡ नहीं पाक
अनीस उल इसà¥à¤²à¤¾à¤® ने जालंधर से à¤à¤®à¤¬à¥€à¤ की डिगà¥à¤°à¥€ हासिल की थी. साल 2009 में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पासपोरà¥à¤Ÿ नहीं मिल पाया था कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सीआईडी ने उनके खिलाफ रिपोरà¥à¤Ÿ दी थी. हालांकि बाद में हाईकोरà¥à¤Ÿ के आदेश के बाद अनीस को पासपोरà¥à¤Ÿ मिला और गिलानी ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पढ़ाई के लिठबà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥‡à¤¨ à¤à¥‡à¤œà¤¾. सीआईडी की हरी à¤à¤‚डी ना मिलने के चलते अनीस अब तक वेतन नहीं ले पाये हैं.
अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनहीं उपदेश..
गिलानी की à¤à¤• पोती à¤à¤¯à¤°à¤²à¤¾à¤‡à¤‚स में बतौर केबिन कà¥à¤°à¥‚ काम करती है. उनका à¤à¤• बेटा नईम डॉकà¥à¤Ÿà¤° है. वो à¤à¥€ पहले सरकारी मà¥à¤²à¤¾à¤œà¤¿à¤® था. नईम की बड़ी बेटी पिछले साल अकà¥à¤Ÿà¥‚बर में सà¥à¤•ूल की परीकà¥à¤·à¤¾ दे चà¥à¤•ी है. हालांकि गिलानी ने यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से परीकà¥à¤·à¤¾ का बायकॉट करने की अपील की थी.