कà¥à¤²à¥€à¤¨ चिट के बाद PAK लौटेंगे उरी हमले के संदिगà¥à¤§, वहां से à¤à¥€ आठ2 à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯
à¤à¤¾à¤°à¤¤ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में à¤à¤²à¥‡ ही रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की बरà¥à¤« इतनी आसानी से ना पिघले, लेकिन सदà¥à¤à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¤°à¥‡ कदम कशीदगी तो कम करते ही हैं. à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• कदम उठाते हà¥à¤ पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ ने शनिवार को दो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ नागरिक सà¥à¤µà¤¦à¥‡à¤¶ à¤à¥‡à¤œà¥‡. बदले में à¤à¤¾à¤°à¤¤ à¤à¥€ उरी हमले के बाद गिरफà¥à¤¤à¤¾à¤° दो संदिगà¥à¤§ गाइडà¥à¤¸ को जलà¥à¤¦ रिहा कर सकता है
शनिवार को à¤à¤²à¤“सी के चकोथी-उरी कà¥à¤°à¥‰à¤¸à¤¿à¤‚ग पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट पर बिलाल अहमद (23) और अरफाज यूसà¥à¤« (24) ने करीब 2 साल बाद अपनी सरजमीं पर कदम रखा. अहमद कशà¥à¤®à¥€à¤° के गà¥à¤°à¥‡à¤œ गांव का रहने वाला है जबकि यूसà¥à¤« का घर कà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¡à¤¼à¤¾ में है. यूसà¥à¤« ने साल 2014 और अहमद ने 2015 में गलती से नियंतà¥à¤°à¤£ रेखा पार की थी. इसके बाद से दोनों पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में फंसे हà¥à¤ थे. लेकिन सà¤à¥€ औपचारिकताà¤à¤‚ पूरी करने के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤ को सौंप दिया गया. पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥€ अधिकारियों ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कपड़े, सà¥à¤µà¥‡à¤Ÿà¤°, बैग, जूते और मिठाइयां देकर विदा किया.
संदिगà¥à¤§à¥‹à¤‚ को NIA की कà¥à¤²à¥€à¤¨ चिट
दूसरी ओर, à¤à¤¨à¤†à¤ˆà¤ ने पाक अधिकृत कशà¥à¤®à¥€à¤° के 2 संदिगà¥à¤§à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ केस में कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤° रिपोरà¥à¤Ÿ दायर की है. फैसल हà¥à¤¸à¥ˆà¤¨ और à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¨ खà¥à¤°à¥à¤¶à¥€à¤¦ पर उरी हमले में शामिल आतंकियों को गाइड करने का आरोप था. लेकिन जांच में इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं. दोनों को 21 सितंबर को à¤à¤²à¤“सी के पास पकड़ा गया था और अब उनकी वापसी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर दी गई है. अगर अदालत कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤° रिपोरà¥à¤Ÿ को मान लेती है तो दोनों घर वापस लौट सकेंगे.
सबूत नहीं मिलने की वजह से à¤à¤œà¥‡à¤‚सी ने दोनों के खिलाफ जांच रिपोरà¥à¤Ÿ बंद करने का फैसला लिया है. दोनों के खिलाफ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ सेना को दिठगठबयान के अलावा कोई और पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ सबूत नहीं मिल पाया. फैजल और अहसान, दोनों ही अब कà¥à¤²à¥‹à¤œà¤° रिपोरà¥à¤Ÿ दाखिल होने के बाद वापस पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ जा सकेंगे