महाशिवरातà¥à¤°à¤¿: सà¥à¤¬à¤¹ से मनà¥à¤¦à¤¿à¤°à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€à¤¡à¤¼, गूंज रहा हर-हर महादेव
महाशिवरातà¥à¤°à¤¿ के पावन अवसर पर सà¥à¤¬à¤¹ से ही मंदिरों में à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥€à¤¡à¤¼ जà¥à¤Ÿà¤¨à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो गई है. देवों के देव आदिदेव महादेव के दर पर à¤à¤•à¥à¤¤ अपने मन की मà¥à¤°à¤¾à¤¦ लेकर पहà¥à¤‚च रहे हैं.
शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में कहा गया है कि शिव पांच महाà¤à¥‚तों से परे हैं. अगà¥à¤¨à¤¿, जल, पृथà¥à¤µà¥€, आकाश सà¤à¥€ का समाहित रूप शिव हैं. आदि शंकराचारà¥à¤¯ कहते हैं चिदाननà¥à¤¦ रूपा शिवोहम शिवोहम... इसी सूतà¥à¤° वाकà¥à¤¯ से सà¥à¤¬à¤¹ से शिव मंदिरों में आननà¥à¤¦ है, à¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ है, पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ है, पà¥à¤•ार है, शिव दरà¥à¤¶à¤¨ की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ है.
मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि जगकलà¥à¤¯à¤¾à¤£ के लिठइसी दिन à¤à¤—वान शिव ने विष को अपने कंठमें रोका था और वो नीलकंठमहादेव कहलाये थे. दिलà¥à¤²à¥€ के गौरीशंकर मंदिर के बाहर सà¥à¤¬à¤¹ 3:00 बजे से ही à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹à¤‚ की लंबी कतारें शिव दरà¥à¤¶à¤¨ के लिठलगनी शà¥à¤°à¥ हो गई हैं.
à¤à¤•à¥à¤¤à¥‹ के हृदय में शिव हैं, आंखों में महादेव दरà¥à¤¶à¤¨ की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ है, होठों पर ॠनमः शिवाय के जयकारे हैं, हाथों में जल है. मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ है कि महाशिरातà¥à¤°à¤¿ के पावन अवसर पर à¤à¥‹à¤²à¥‡à¤¨à¤¾à¤¥ से जो मांगो वो मिलता है. शिव मंदिरों में आज के दिन शिवाà¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• के लिठशà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤“ं का सैलाब उमड़ता है.