अमेठी-रायबरेली से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को अचà¥à¤›à¥‡ संकेत नहीं, टल सकता है पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी का दौरा!
अमेठी-रायबरेली में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ नेता पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी का पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® टल सकता है. पहले पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी 13 फरवरी को रायबरेली पहà¥à¤‚चकर वेलेंटाइन डे यानी 14 फरवरी को यहां पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° का बिगà¥à¤² फूंकने वाली थीं. लेकिन सूतà¥à¤°à¥‹à¤‚ की मानें तो जमीन से मिल रही रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ ने पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का को नई रणनीति बनाने पर मजबूर कर दिया है.
पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का के पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° पर कैंची?
माना जा रहा है कि अब पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का का ये दौरा 1-2 दिन के लिठटल सकता है. अगर चीजें दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ नहीं हà¥à¤ˆà¤‚ तो पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का अपने कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® को सीमित à¤à¥€ कर सकती हैं. अमेठी-रायबरेली के पारà¥à¤Ÿà¥€ नेताओं ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सलाह दी है कि गठबंधन के पेंच और उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर जारी ससà¥à¤ªà¥‡à¤‚स के चलते कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के इस गढ़ में नतीजे इस बार विपरीत हो सकते हैं. अगर à¤à¤¸à¤¾ होता है तो हार का ठीकरा पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी के सिर फूट सकता है. लिहाजा पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी को सलाह दी गई है कि वो यहां पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° से बचें.
उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤°à¥‹à¤‚ पर फंसा पेंच
दरअसल, रायबरेली में à¤à¤²à¥‡ ही कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सà¤à¥€ सीटों पर लड़ रही हो, लेकिन सपा के मौजूदा विधायक, जिनका टिकट कटा है, वो आरà¤à¤²à¤¡à¥€ या किसी छोटी पारà¥à¤Ÿà¥€ के टिकट पर चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ रहे हैं. इसका सीधा नà¥à¤•सान कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हो सकता है. साथ ही रायबरेली की ऊंचाहार सीट से कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° के सामने सपा के मौजूदा विधायक मनोज पांडेय à¤à¥€ मैदान में हैं. वहीठअमेठी से गायतà¥à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤ªà¤¤à¤¿ और गौरीगंज से राकेश पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª सिंह साइकिल निशान पर चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ रहे हैं.
जीत की राह मà¥à¤¶à¥à¤•िल
2012 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का गांधी ने अमेठी-रायबरेली की 10 सीटों में 100 से ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नà¥à¤•à¥à¤•ड़ सà¤à¤¾à¤à¤‚ और रोड शो किये थे. हालांकि पारà¥à¤Ÿà¥€ को सिरà¥à¤« 2 ही सीटों पर जीत हाथ लगी थी. जबकि 2007 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ ने 10 में 7 सीटें जीतीं थीं. अब 10 में से 7 सीटें तो कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ को मिल गयीं, कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के खिलाफ ताल ठोंक रहे सिटिंग विधायकों को अखिलेश ने बाहर का रासà¥à¤¤à¤¾ à¤à¥€ दिखाया, पर कई जगह वो दूसरी छोटी पारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का टिकट लेकर कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ की राह में रोड़ा बने हà¥à¤ हैं.
इसके अलावा रायबरेली के मौजूदा निरà¥à¤¦à¤²à¥€à¤¯ विधायक अखिलेश सिंह की बेटी अदिति सिंह इस बार कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ के टिकट पर लड़ रही हैं, लेकिन अगर वो जीतती à¤à¥€ हैं तो उसका शà¥à¤°à¥‡à¤¯ पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का को नहीं मिलने वाला.
फूंक-फूंक कर कदम
इसी सब के चलते पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤‚का पहले दिलà¥à¤²à¥€ से सियासी कील-कांटे दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ करके आगे बà¥à¤¨à¤¾ चाहती हैं. उनकी रणनीति शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में नà¥à¤•à¥à¤•ड़ सà¤à¤¾à¤“ं के बजाय अपनी पारà¥à¤Ÿà¥€ के कारà¥à¤¯à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“ं के समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ आयोजित करने की है. जिससे आखिर तक गठबंधन की गांठसà¥à¤²à¤à¤¾à¤¨à¥‡ का वकà¥à¤¤ à¤à¥€ मिल जाये.