जानें- कà¥à¤¯à¤¾ है सिंधॠसमà¤à¥Œà¤¤à¤¾? रदà¥à¤¦ हà¥à¤† तो बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨!
जमà¥à¤®à¥‚ कशà¥à¤®à¥€à¤° के उरी में हà¥à¤ आतंकी हमले के बाद à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाक के रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बेहद तलà¥à¤–ी आ चà¥à¤•ी है। परिणाम सà¥à¤µà¤°à¥‚प आने वाले दिनों में पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को à¤à¤¾à¤°à¥€ संकट का सामना करना पड़ सकता है। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के à¤à¤• बड़े हिसà¥à¤¸à¥‡ के लोगों को à¤à¤•-à¤à¤• बूंद पानी के लिठतरसना पड़ सकता है।
पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को हर मोरà¥à¤šà¥‡ पर घेरने के लिठà¤à¤¾à¤°à¤¤ सरकार ने जिस तरह से नाकेबंदी शà¥à¤°à¥‚ की है उससे संà¤à¤µ है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ और पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के बीच 1960 में हà¥à¤ सिंधॠनदी जल समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ रदà¥à¤¦ कर दिया जाà¤à¥¤
अगर à¤à¤¸à¤¾ होता है पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ का बड़ा इलाका रेगिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में तबà¥à¤¦à¥€à¤² हो जाà¤à¤—ा, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिंधॠनदी जमà¥à¤®à¥‚ कशà¥à¤®à¥€à¤° से होकर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में बहती है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से सिंधॠनदी जल समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ रदà¥à¤¦ किठजाने पर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को दिया जाने वाला सिंधॠनदी का पानी रोक दिया जाà¤à¤—ा।
सिंधॠनदी को पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की जीवन रेखा कहा जाता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ की ओर से दिठजाने वाले इस नदी के पानी से पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के à¤à¤• बड़े इलाके की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ और à¤à¥‚ख मिटती है।
सिंधॠनदी पर ही पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की सिंचाई वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और खेती–-बाड़ी टिकी है। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के à¤à¤• बड़े इलाके की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ à¤à¥€ सिंधॠनदी के पानी से ही बà¥à¤à¤¤à¥€ है।
पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के इतिहास की à¤à¤• वेबसाइट में à¤à¥€ इस बात का जिकà¥à¤° किया गया है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ उसे परेशान करने लिठपहले à¤à¥€ इन नदियों का पानी रोक चà¥à¤•ा है जिसके लिठपाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ सरकार को खासी मशकà¥à¤•त करनी पड़ी थी।
वेबसाइट के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 1948 में दोनों देशों का बंटवारा होने के कà¥à¤› महीने बाद ही à¤à¤¾à¤°à¤¤ ने सिंधॠनदी का रोक दिया था। इसके लिठपाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को 1953-1960 तक इसके लिठमेहनत करनी पड़ी। पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के सालों तक गिड़गिड़ाने और कठिन पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ के बाद 19 सितंबर 1960 को à¤à¤¾à¤°à¤¤ के साथ सिंधॠनदी जल समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ हà¥à¤†à¥¤ तब से अब तक पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ इस पानी को धड़लà¥à¤²à¥‡ से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रहा है।
पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के लिठइससे à¤à¥€ बड़ी चिंता की बात यह है कि रावी और à¤à¥‡à¤²à¤® नदियां à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ से होकर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के पंजाब पà¥à¤°à¤¾à¤‚त में जाती हैं। अगर सिंधॠनदी जल समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ रदà¥à¤¦ हà¥à¤† तो रावी और à¤à¥‡à¤²à¤® नदियों का पानी à¤à¥€ रोका जा सकता है। à¤à¤¸à¥‡ होने से पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की कृषि वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ चौपट हो जाà¤à¤—ी।
à¤à¤¾à¤°à¤¤-पाक के रिशà¥à¤¤à¥‡ खराब होने के चलते तो इन नदियों पानी अगर रोका जाता है तो पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ की कृषि आधारित अरà¥à¤¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को à¤à¤¾à¤°à¥€ नà¥à¤•सान होगा।
सिंधà¥, रावी और à¤à¥‡à¤²à¤® नदियों का पानी रोकने के बाद पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ को पानी के लिठà¤à¤¾à¤°à¥€ खरà¥à¤š करना पड़ेगा। इससे पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ अतिरिकà¥à¤¤ आरà¥à¤¥à¤¿à¤• बोठपड़ेगा। माना जा रहा है कि à¤à¤¾à¤°à¤¤ से पानी नहीं मिलने पर पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° इलाकों में खेती-बाड़ी का काम बंद हो जाà¤à¤—ा।