सीरिया की जेल में 13,000 कैदियों को गà¥à¤ªà¤šà¥à¤ª फांसीः à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€
लंदन। सीरियाई राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बशर-अल असद के करीब 13,000 विरोधियों को उस सरकारी जेल में गà¥à¤ªà¤šà¥à¤ª तरीके से फांसी लगा दी गई जहां हर हफà¥à¤¤à¥‡ 50 लोगों को सामूहिक तौर पर मौत की सजा दी जाती है। मंगलवार को à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ इंटरनेशनल ने अपनी रिपोरà¥à¤Ÿ में इस बात का खà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¾ किया जो काफी हैरान कर देने वाला है।
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤•रà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, बंदियों और नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ सहित 84 पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साकà¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤•ार पर आधारित है 48 पृषà¥à¤ ों वाली रिपोरà¥à¤Ÿ ‘हà¥à¤¯à¥‚मन सà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤°à¤¹à¤¾à¤‰à¤¸: मास हैंगिंग à¤à¤‚ड à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤°à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¤Ÿ सैदनाया पà¥à¤°à¥€à¤œà¤¨ (मानव कसाईखाना: सामूहिक फांसी और सैदनाया जेल में तबाही)’ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, 2011 और 2015 के बीच दमिशà¥à¤• के पास सैदनाया मिलिटरी जेल में सामूहिक फांसी की सजा दी गयी और अà¤à¥€ à¤à¥€ वहां मौत का यह खेल जारी है।
रिपोरà¥à¤Ÿ में बताया गया है कि वकील और टà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤² के बगैर केवल यातना देकर अपराध कबूल कराया जाता है और अपराधियों को फांसी की सजा दे दी जाती है।
जेल में दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• फांसी
आमतौर पर हफà¥à¤¤à¥‡ में दो दिन- सोमवार और बà¥à¤§à¤µà¤¾à¤° को जिनके नाम पà¥à¤•ारे जाते थे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कहा जाता था कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूसरी जगह à¤à¥‡à¤œà¤¾ जा रहा है। इसके बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जेल के बेसमेंट में ले जाकर दो तीन घंटे तक बà¥à¤°à¥€ तरह से पीटा जाता था। इसके बाद कैदियों को जेल के दूसरी बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग (वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बिलà¥à¤¡à¤¿à¤‚ग) में à¤à¥‡à¤œ दिया जाता था। जहां बेसमेंट में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हमेशा के लिठमौत की नींद सà¥à¤²à¤¾ दिया जाता था। पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में उनकी आंखों पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बंधी होती थी। फांसी पर लटकाने के मातà¥à¤° à¤à¤• मिनट पहले उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताया जाता था कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फांसी की सजा दी जाà¤à¤—ी। फांसी के बाद शवों को गोपनीय तरीके से दफना दिया जाता था। उनके परिवार वालों को à¤à¥€ कोई सूचना नहीं दी जाती थी।
शासन पर ‘तबाही की नीति’ का आरोप
à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को बयां करने वाले पीड़ितों के बयानों के जरिठलंदन के à¤à¤¨à¤œà¥€à¤“ ने रिसरà¥à¤š किया और इस निषà¥à¤•रà¥à¤· पर पहà¥à¤‚चे कि सीरिया के सैदनाया जेल में पिछले पांच वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में करीब 13,000 लोगों को फांसी दी गई। ‘à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ इंटरनेशनल’ ने शासन पर ‘तबाही की नीति’ अपनाने का आरोप लगाया।
फांसी के बाद 10 मिनट तक à¤à¥‚लते रहते थे शव
मानवाधिकारों के लिठकाम करने वाले à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ ने अपने रिपोरà¥à¤Ÿ में लिखा है, 'इस पूरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान उनकी आंखों पर पटà¥à¤Ÿà¥€ बंधी रहती थी। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनकी गरà¥à¤¦à¤¨à¥‹à¤‚ में फंदा डाले जाने तक यह à¤à¥€ नहीं पता होता था कि वह कैसे और कब मरने वाले हैं।' पीड़ितों में अधिकतर आम नागरिक थे जिनके बारे में à¤à¤¸à¤¾ माना जाता था कि वे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ बशर-अल-असद की सरकार के विरोधी थे। फांसी के गवाह रहे à¤à¤• पूरà¥à¤µ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ ने कहा, 'वे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 10 से 15 मिनट तक फांसी पर लटकाठरखते थे।'
सीरियाई सरकार की ‘तबाही की नीति’
à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ ने इसे यà¥à¤¦à¥à¤§ अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध बताया है। à¤à¤®à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ ने सीरिया सरकार पर बंदियों को बार-बार यातनाà¤à¤‚ देकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‹à¤œà¤¨, पानी à¤à¤µà¤‚ चिकितà¥à¤¸à¤•ीय देखà¤à¤¾à¤² से वंचित रख ‘तबाही की नीति’ का आरोप लगाया।