अमेरिकी सेना ने दी सैनिकों के लिठपगड़ी, दाढ़ी और हिजाब को मंजूरी
अमेरिकी सेना ने खà¥à¤¦ को अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤• धरà¥à¤®à¥‹à¤‚ और संसà¥à¤•ृतियों के संदरà¥à¤ में अधिक समावेशी बनाते हà¥à¤ हाल ही में à¤à¤• नया नियमन जारी किया है। इस नियमन के जरिठसेना ने पगड़ी, हिजाब पहनने वाले या दाढ़ी रखने वाले लोगों को सेना में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की मंजूरी दे दी है।
सैनà¥à¤¯ सचिव à¤à¤°à¤¿à¤• फैनिंग की ओर से जारी किठगठये नठनियम बà¥à¤°à¤¿à¤—ेड सà¥à¤¤à¤° पर धारà¥à¤®à¤¿à¤• पहचानों को समाहित करने की मंजूरी देते हैं। इससे पहले यह मंजूरी सचिव सà¥à¤¤à¤° तक के लिठथी। इस मंजूरी के बाद हà¥à¤† बदलाव यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करेगा कि धारà¥à¤®à¤¿à¤• पहचान का समावेश सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो और अमेरिकी सेना में अधिकतर पदों पर लागू हो।
कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सदसà¥à¤¯ जो कà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤²à¥‡ ने अमेरिकी सैनà¥à¤¯ सचिव की ओर से जारी निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ का सà¥à¤µà¤¾à¤—त करते हà¥à¤ कहा कि यह ना सिरà¥à¤« सिख अमेरिकी समà¥à¤¦à¤¾à¤¯ के लिà¤, बलà¥à¤•ि हमारे देश की सेना के लिठà¤à¤• बड़ी पà¥à¤°à¤—ति है। सिख-अमेरिकी इस देश से पà¥à¤¯à¤¾à¤° करते हैं और हमारे देश में सेवा का उचित अवसर चाहते हैं। यह घोषणा à¤à¤¸à¤¾ करने में मददगार साबित होगी।
कà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤²à¥‡ ने कहा कि हम à¤à¤• मजबूत सेना से लैस मजबूत देश हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम धारà¥à¤®à¤¿à¤• और निजी सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ का समà¥à¤®à¤¾à¤¨ करते हैं। सिख-अमेरिकियों और अमेरिकी सांसदों ने इस कदम का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया है। ये लोग पिछले कई साल से इस संदरà¥à¤ में चल रहे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के अगà¥à¤µà¤¾ रहे हैं।
अमेरिकी सेना की ओर से तीन जनवरी को घोषित इन बदलावों से पहले सिख अमेरिकियों और अनà¥à¤¯ को अपने धरà¥à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ चीजों को अपने साथ रखते हà¥à¤ सेना में सेवा देने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ सीमित थी। ये समावेश सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ नहीं थे और हर नियत कारà¥à¤¯ के बाद इसकी à¤à¤• तरह से समीकà¥à¤·à¤¾ की जाती थी।
सेवाकरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को तब तक के लिठअपने धरà¥à¤® से संबंधित पहचानें हटानी à¤à¥€ पड़ती थीं, जब तक उनका इन पहचानों के साथ काम करने का अनà¥à¤°à¥‹à¤§ सà¥à¤µà¥€à¤•ार नहीं होता था। à¤à¤¸à¥‡ à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¨ के अगà¥à¤µà¤¾ रहे सिख- अमेरिकी गठबंधन ने इस कदम का सà¥à¤µà¤¾à¤—त किया लेकिन साथ ही यह à¤à¥€ कहा कि यह उनकी ओर से की जा रही मांग की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम है।
इस संगठन की विधि निदेशक हरसिमरन कौर ने कहा कि हम अब à¤à¥€ नीति में à¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ बदलाव चाहते हैं, जो सà¤à¥€ धारà¥à¤®à¤¿à¤• अलà¥à¤ªà¤¸à¤‚खà¥à¤¯à¤•ों को सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° तरीके से सेवा देने की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ दे। हम इस नई नीति के जरिठहमारे देश के सबसे बड़े नियोकà¥à¤¤à¤¾ की ओर से धारà¥à¤®à¤¿à¤• सहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ और विविधता की दिशा में दिखाई गई इस पà¥à¤°à¤—ति से खà¥à¤¶ हैं।