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रिजर्व बैंक ने नहीं घटाई ब्याज दर, जीडीपी ग्रोथ घटने का अनुमान, 11.5 लाख करोड़ के पुराने नोट आए

बाजार की उम्मीदों के विपरीत भारतीय रिजर्व बैंक ने आज नीतिगत दरों में कोई कमी नहीं की और उन्हें जस का तस बनाए रखा। नोटबंदी के बीच आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान किया। बैंक ने रिपो रेट में कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। अर्थशास्त्री à¤¨à¥‹à¤Ÿà¤¬à¤‚दी को देखते हुए ब्याज दर घटाने की उम्मीद कर रहे थे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान आरबीआई ने नोटबंदी पर भी सवालों के जवाब दिए।

आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल ने सबसे बड़ी जानकारी ये दी कि à¤¨à¥‹à¤Ÿà¤¬à¤‚दी के बीच करीब 11.5 लाख करोड़ के पुराने नोट वापस बैंकिंग सिस्टम में आए हैं। उन्होंने कहा कि 2016-17 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.1 फीसदी रहने का अनुमान है जो पहले 7.6 फीसदी थी।

रिजर्व बैंक की 2016-17 की पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा की मुख्य बातें

1.रेपो दर 6.25 प्रतिशत पर कायम, रिवर्स रेपो दर 5.75 प्रतिशत पर

2-नकद आरक्षित अनुपात या सीआरआर 4 प्रतिशत पर बरकरार

3-वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर के अनुमान को 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7.1 प्रतिशत किया

4-मार्च, 2015 के लिए मुद्रास्फीति का लक्ष्य 5 प्रतिशत पर कायम, उपर जाने का जोखिम

5-नोटबंदी से जल्द खराब होने वाले उत्पादों के दाम घटेंगे, दिसंबर तक मुद्रास्फीति 0.10 से 0.15 प्रतिशत तक घटेगी

6-एमपीसी के सभी सदस्यों ने यथास्थिति कायम रखने के पक्ष में मत दिया

7-नोटबंदी से नकदी आधारित क्षेत्रों में कुछ समय के लिए अड़चन आएगी

8-कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वित्तीय बाजार में संकट से मार्च अंत का मुद्रास्फीति का लक्ष्य जोखिम में पड़ सकता है

9-दो दिसंबर को विदेशी मुद्रा भंडार 364 अरब डालर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर 10-रिजर्व बैंक ने इस वित्त वर्ष में ओएमओ खरीद के जरिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की तरलता डाली

11-अगली मौद्रिक समीक्षा 8 फरवरी, 2017 को।

जल्दबाजी में फैसला नहीं 

डिप्टी गवर्नर आर बी गांधी ने कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया। इस दौरान 4 लाख करोड़ के नए नोट छपे और पब्लिक को दिए गए। महंगाई को देखते हुए दरों में बदलाव नहीं किया गया है।  8 नवंबर से पहले बैंक और एटीएम में जो हाल था, वैसा हाल कब तक हो जाएगा? इस सवाल पर गांधी ने कहा कि जनता को पैसों को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए। जनता अपने पैसों का खुलकर इस्तेमाल कर सकती है।

गांधी ने कहा कि जरूरत हुई तो पैसे निकालने की सीमा पर विचार किया जाएगा। à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सामान्य होने पर नकदी निकासी की सीमा को हटा लिया जाएगा। 1,000 रुपये का नोट लाने के बारे में अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। à¤ªà¤¿à¤›à¤²à¥‡ दो सप्ताह में छपाई कारखानों को 500 और 100 रुपये के ज्यादा नोट छापने के लिए नए सिरे से तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया था बल्कि बहुत सोच समझकर लिया गया था। इसके लिए उच्च स्तर की सीक्रेसी रखना जरूरी था।

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